दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब आयकर विभाग ने कोलकाता के एक स्लम एरिया में रहने वाले बिरजू को नोटिस भेजा। 42 वर्षीय इस मेकैनिक से उन 5.47 लाख रुपये की लेनदेन को लेकर जवाब मांगा गया है जो उसके खाते से 27 मई से 2 सितंबर के बीच किए गए। समन मिलने पर जब बिरजू आयकर विभाग के दफ्तर पहुंचा तो उसने अधिकारियों के सामने जो खुलासे किए वह चौंकाने वाले थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिरजू ने बताया कि उसकी मां कुछ वक्त पहले आनंद मोदी नामक व्यवसायी के घर काम करती थी। उसने मां से बिरजू का आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र मंगवाए थे। उसके जरिए व्यवसायी ने बिरजू का पैन कार्ड भी बनवा दिया। इसके बाद बिरजू के नाम से ना सिर्फ बैंक खाते खोले गए बल्कि कागज पर वह पांच कंपनियों का डायरेक्टर तक बना दिया गया। जिन कंपनियों के नाम सामने आए हैं वे हैं नाइटशाइन विनिमय, त्रियेय डिस्ट्रिब्यूटर्स, गेनवेल प्रोमोटर्स, इवनिंगस्टार, मैक्रोन। मामले की जांच जारी है।