दुनिया भर में आतंक का पर्याय बन चुके आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने एक बार फिर चौंका देने वाला कारनामा किया है।
अपनी हरकतों से हमेशा चर्चा में रहने वाले इस संगठन ने अब आतंकियों की भर्ती शुरू की है।
द इंडिपेंडेंट के मुताबिक आईसआईएस से जुड़े हुए अबु सईद अल ब्रितानी ने ऑनलाइन लिखा है कि जो लोग लड़ाई ना करते हुए भी दुनिया भर में आतंक फैलाने के पक्ष में हैं, उनके लिए आईसआईएस ने नई नौकरियां निकाली हैं।
इनमें कई काम शामिल हैं। जैसे संगठन का प्रेस ऑफिसर बनना, आंतकियों बनने के लिए फिटनेस इंस्ट्रक्टर बनना और यहां तक के बम बनाने में योगदान देना।
ISIS मीडिया सेंटर के लिए चाहिए बंदे
इस लिस्ट में सबसे पहले आईसआईएस को चाहिए अपने मीडिया सेंटर को सुदृढ़ बनाने के लिए लोग। संगठन को लगता है कि पश्चिमी मीडिया उनकी खिलाफत करती है। इसलिए खुद के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने के लिए यहां बंदों की जरूरत है।
जो खून-खच्चर से दूर रहना चाहते हैं वो इस संगठन के लिए शेफ, मैकेनिक और डॉक्टर बनकर जान बचाने का काम कर सकते हैं।
लेकिन अगर जुड़ने वाले आदमी का मन बम बनाने जैसे कामों में लगता है तो वो ये काम भी कर सकता है। अगर को खुद को संगठन के लिए समर्पित समझता है तो आईसआईएस का सुसाइड बॉम्बर भी बन सकता है।
ISIS के सभी काम होंगे मकसद के लिए
अल-ब्रितानी ने अपने लेख में ये भी लिखा है कि आईसआईएस के सभी काम बड़े मजेदार हैं। ये एक खास मकसद के लिए किए जाएंगें। उन्हें अपने कई चेक-प्वाइंट्स पर जिहादियों की भी जरूरत है। वो सभी इस्लामिक क्षेत्रों पर पूरा कब्जा जमा लेना चाहते हैं।
यही नहीं, उन्हें पुलिस के भी कई ऐसे बंदे चाहिए जो सभी इस्लामिक क्षेत्रों में घूमें और कड़ाई से देखें की लोगों ने इस्लामिक ड्रेस कोड के हिसाब से ही कपड़े पहने हों।
आईसआईएस जिन चीजों को अपने नियम और कायदे-कानून में शामिल करता है, उनका पालन होता रहे, ये देखने के लिए भी उसे लोग चाहिए। उन्हें राह चलते लोगों को डंडे से पीटने की आजादी होगी जो नियम तोड़ते नजर आएंगें।
महिलाओं पर होगी खासी नजर
आईसआईएस कहता है कि अगर महिलाएं इस्लाम की दायरों को तोड़ती दिखीं और गैर-इस्लामिक तरीके से कपड़े पहने हुई मिलती हैं तो उनके भाइयों और पिता को सजा दी जाएगी।
ये तो हुई महिलाओं की बात। पर नई नौकरियों की लिस्ट में आईसआईएस को एडमिन स्टाफ, केयरटेकर और यहां तक के जेलों के लिए गार्डस् भी चाहिए।
ऐसे भी लोग चाहिए जो बच्चों में इस आतंकी संगठन की सोच और मांगों को बचपन से ही बिठा सके।
महिलाएं भी सीखती हैं आतंक बढ़ाने के तरीके
डेली मेल में छपी एक खबर के मुताबिक आईसआईएस ने महिलाओं के भी खुद में शामिल किया है। हाल ही में आई कई तस्वीरें इस बात का सबूत है कि कैसे सीरिया में कई औरतें इस संगठन से जुड़ रहीं हैं।
महिला जिहादियों राइफल चलाना सीखने जैसे काम में लगी हैं। लेकिन, वो बहुत गलतियां कर रही हैं। बुरके में ऐसा टास्क करने की वजह से कई बार उनका निशाना ठीक नहीं बैठ रहा है तो कभी वो बड़े भारी ब्लंडर कर रही हैं।
बुरके में रहते हुए उन्हें अपने हथियार पकड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन ट्रेनिंग कड़ी है और उन्हें करना ही है।