ऐसे मामले बड़े ही अजीब होते हैं। कैसे एक मर चुका शख्स अचानक से उठ खड़ा होता है और सबको अपने जिंदा होने की बात से चौंका देता है।
डेली मेल के मुताबिक राजस्थान के भिलवाड़ा में 72 साल के दीपक सिंह को डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद मृत घोषित कर दिया था। लोग रोते हुए उन्हें शवदाह के लिए ले ही जा रहे थे कि मामला पलट गया।
दीपक के पोते 26 साल के बंदा नलवउ ने कहा कि उनके दादाजी मौत के एक दिन पहले तब बिल्कुल ठीक थे। वो सुबह उठकर अपने कामों में लग गए थे। पर, तभी गायों के बीच जाकर वो अचानक गिर पड़े।
मृत हो गए दादाजी
दीपक के पोते ने ये भी बताया कि दादाजी को देखकर उन्हें फौरन डॉक्टर के पास ले जाया गया। काफी देर होश ना आने की वजह से उन्हें मृत करार कर दिया।
घर लौटकर उनके शवदाह की तैयारियां शुरू कर दी गई। उन्हें उसी जगह अंतयेष्टि करने के लिए ले जाया गया जहां गांव के हर इंसान को अलविदा किया जाता है।
पर, हैरत की बात है कि जैसे ही पंडित जी ने सभी मंत्रों के उच्चारण शुरू किए, दादाजी दीपक को होश आ गया। बंदा ने बताया कि उसने अपने दादाजी को हिलते हुए देखा।
अरे उठ खड़े हुए दादाजी
उन्हें बस आग लगाई ही जानी थी कि वो हरकत में आ गए। देखकर लगा कि वो लंबी और गहरी नींद से उठ गए हैं। उन्हें हरकत में आते देख सभी चौंक गए और उन्हें मृत्युशैया से उठा लिया गया।
वो जीवित थे। बाद में दादाजी ने बताया शायद वो लंबी बेहोशी के शिकार हो गए थे। इसके बाद गांववालों ने जीते इंसान को अंजाने में जलाने की कोशिश करने के लिए माफी मांगी। भगवान से दादाजी की जिंदगी बक्शने के लिए शुक्रिया भी किया।