ऊंची दुकानों के फीके पकवान खा-खा कर अगर मन ऊब चुका है तो एक बार इस दादी के देशी रेस्टोरेंट की ओर रुख करके जरूर देखें। कहते हैं इनके हाथ का बना खाना आपको उंगलिया चाटने को मजबूर कर देगा।
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यकीन नहीं हो रहा तो एक बार इस तस्वीर को ध्यान से देखें, इसमें आपको कई विदेशी मेहमान नजर आ जाएंगे। दरअसल, इनका यहां आना जाना लगा रहता है। इन विदेशियों को दादी के हाथों का खाना खाने का चाव चढ़ गया है। बस यही चाह इन्हें बार-बार यहां खींच लाती है।
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बता दें, पूरे जैसलमेर में फेमस हो चुका दादी का यह देशी रेस्टोरेंट आज अपनी अनोखी पहचान बना चुका है। इस रेस्टोरेंट को चलाने वाली महिला का नाम चंदा देवी है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह कि ये महिला इतनी उम्रदराज होने के बावजूद यह काम कर रही है। वाकयी इस महिला की स्टोरी अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनेगी।
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असल में 80 साल चंदादेवी अपनी रसोई में ही एक छोटा रेस्टोरेंट चला रही है। व्यास मील के नाम से इनके रेस्टोरेंट को इंटरनेशनल गाइड बुक लोनली प्लानेट में जगह मिली है। करीब 40 साल पहले इन्होंने अपने घर में ही इस छोटे से रेस्टोरेंट की शुरूआत की थी।
अपने परिवार के लिए जो खाना बनता वहीं रेस्टोरेंट में आने वाले विदेशी ग्राहकों को परोसा जाता। इन्होंने अपने परिवार के सारे खर्च इसी रेस्टोरेंट पर निकाल दिए, बेटी की शादी भी की और अन्य काम भी किए। है न दिलचस्प स्टोरी। दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिख भेंजे।