क्या आप बच्चों की तस्करी का एक बड़ा बाजार चीन में काम करता है? डेली मेल के मुताबिक हाल ही में चीन की पुलिस ने शैनडॉन्ग प्रांत में एक ऐसे बेबी फैक्ट्री का भंडाफोड किया जहां महिलाएं बच्चों को पैदा करती थीं।
ये महिलाएं ज्यादातर एड्स से ग्रसित रहती हैं। कुछ रूपयों के बदले में ये इस फैक्ट्री में बच्चे पैदा करती हैं और तस्करों को बेच देती हैं।
एड्स और एचआईवी संक्रमित मां की वजह से बच्चे भी संक्रमण के साथ ही पैदा होते हैं। इन्हें तस्कर खरीदने के बाद ऐसे कपल्स को बेचते हैं जो बच्चों को गोद लेते हैं और इसके एवज में तस्करों को रूपए देते हैं।
पकड़े गए नवजात 37 बच्चे
पुलिस ने जब इस फैक्ट्री पर छापा मारा तो उन्हें वहां से 37 नवजात बच्चे मिले। यानी वहां बच्चों की तस्करी या यूं कहें कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग का धंधा सुचारू रूप से चल रहा था।
इसके साथ ही उन्हें 103 लोग और मिले जो बच्चे पैदा करने से लेकर, उन्हें खरीदने और पैदा करवाने के लिए रखे गए थे। पाए गए सभी बच्चे बीमार और कमजोर मिले। इनमें से सात को जन्म से ही एड्स का संक्रमण है।
पुलिस ने इस बेबी फैक्ट्री से जितने भी बच्चे निकाले सभी बहुत ही गंदे माहौल में मिले। इनके खाने-पीने का सभी कोई ध्यान नहीं रखता था।
ये है नए तरह की तस्करी
जांच में ये भी पता चला कि नन्हे बच्चों को बेचे जाने तक बचे-कुचे खाने या यूं कहें कि जूठन और पड़े हुए नूडल्स खिलाकर किसी तरह जीवित रखा जाता था।
इस पूरे मामले पर बोलते हुए मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक सेक्यॉरिटी एण्ड एंटी ट्रैफिकिंग के डायरेक्टर चेन शिगु ने कहा कि बेबी फैक्ट्री अपनेआप में एक नए तरह की तस्करी का मामला है।
कानून के मुताबिक अगर कोई शख्स तीन बार से ज्यादा इस मामले में पकड़ा पाया गया तो उसकी मौत की सजा पक्की।