अफ्रीका को आप अजीबोगरीब जनजातियां और उनके अवाक छोड़ देने वाले जीने के तौर-तरीकों से जानते होंगे। पर मॉडर्न अफ्रीका का ये चेहरा तो आपके होश ही उड़ा देगा।
डेली मेल के मुताबिक अफ्रीका के तांजानिया में सफेदी की बीमारी से पीड़ित लोगों का बुरा हाल है। बीमारी होना जैसे उनके लिए मौत की खबर है।
ऐसा इसलिए क्योंकि वहां ज्यादातर लोग मानते हैं कि सफेदी से पीड़ित लोगों के कटे हुए अंग अपने घरों में रखने से खुशकिस्मती और अच्छे दिन आते हैं। ऐसे में जिन्हें ये बीमारी है, वो खौफ में जीते हैं।
बॉडी ट्रेड का बड़ा बिजनेस फैला है यहां
कहा जाता है कि तांजानिया में सफेदी की बीमारी से पीड़ित लोगों का जानवरों की तरह शिकार किया जाता है।
कई बार रूपयों की चाहत में कुछ परिवार वाले अपनी ही फैमिली में पीड़ित व्यक्ति के अंग कटवा देने में सहयोग देते हैं।
इस काम में गांव के विचडॉक्टर या यूं कहें कि भूत उतारने वाले पाखंडी अंजाम देते हैं। इन अंगों का मार्केट में अच्छा खासा दाम मिलता है। कभी हाथ तो कभी पैर, काट ही देते हैं।
50 लाख तक मिल जाते हैं रूपए
ऐलबीनो बीमारी से पीड़ित लोगों पर आए दिन हमला होना, उनका लापता हो जाना और फिर कटे-छटे या मरी हुई स्थिति में पाया जाना आम है।
इनके शरीर के हिस्सों को ना बेच देने वालों की कमी है और ना ही खरीदारों की। उनके बदन के टुकड़ों की कीमत 50 लाख तक आराम से है।
लोग ये सोचते हैं कि ऐसे टुकड़े को घर में रखने से वो जल्द से जल्द अमीर बन जाएंगे।
चूंकि गरीब लोग इतनी कीमत नहीं दे पाते इसलिए अमीर लोग अच्छी किस्मत के लिए इन टुकड़ों को खरीद पाते हैं। खरीदारों में राजनीतिज्ञ भी शामलि होते हैं।