मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठंड के दिनों में यहां का न्यूनतम तापमान -61 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जबकि यहां का औसत तापमान भी माइनस 10 डिग्री सेल्सियस रहता है। नोरिल्स्क में ठंड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल में यहां 9 महीने तक बर्फ जमी रहती है।
हर तीसरे दिन आता है बर्फीला तूफान
बताया जाता है कि यहां हर तीसरे दिन लोगों को बर्फीले तूफान का सामना करना पड़ता है। यहां रहने वाले लोग तो दो महीने तक (दिसंबर से जनवरी) सूर्योदय ही नहीं देख पाते हैं, क्योंकि ठंड की वजह से यहां लगातार बर्फ ही गिरती रहती है और सूर्य न निकलने के कारण इन दो महीनों तक यहां अंधेरा ही छाया रहता है।
Viral Video: 'बदलूराम का बदन…', वायरल हो रहा है असम रेजीमेंट का यह खास गीत, जानिए कौन थे राइफलमैन बदलूराम?
शहर में नहीं है कोई सड़क
यह शहर रूस की राजधानी मॉस्को से करीब 2900 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हैरानी की बात तो यह है कि इस शहर में पहुंचने के लिए कोई सड़क ही नहीं है। यहां आने के लिए लोग विमानों या नौकाओं का सहारा लेते हैं। हालांकि, शहर में लोगों की जरूरत की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे कि सिनेमाघर, कैफे, चर्च, बार आदि।
Athos Salome: ईरान, वेनेजुएला और ट्रंप की जिद, क्या सच हो रही हैं जीवित नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां?
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में है शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरिल्स्क को रूस का सबसे अमीर शहर कहा जाता है, क्योंकि यहां दुनिया का सबसे बड़ा प्लैटिनम, पैलेडियम और निकल धातु का भंडार है। हालांकि, इस शहर को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से भी एक माना जाता है, क्योंकि यहां बड़े पैमाने पर माइनिंग और रिफाइनिंग का काम होता है, जिससे भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड निकलता है।
Science News: क्यों दो टुकड़ों में बंट रहा अफ्रीका महाद्वीप? वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां की हवा में सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा इतनी ज्यादा है कि यहां करीब 30 किलोमीटर के दायरे की वनस्पति ही खत्म हो गई है। यहां लोगों को बेरी या मशरूम तोड़ने की मनाही है।