यह पूरा मामला ब्रिटेन का है, जहां पर एक महिला कर्मचारी को उसके बॉस ने कई अपमानजनक शब्द कहकर चिढ़ाया था। मामला बढ़ने पर अदालत पहुंच गया और कर्मचारी को 29 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है?
क्या कहकर चिढ़ाता था बॉस?
रोजगार न्यायाधिकरण ने पाया कि महिला का उसके बॉस ने नस्लीय उत्पीड़न किया था। दरअसल, महिला कर्मचारी आयरिश मूल की थी, जिसके कारण उसका बॉस उसे पोटैटो (आलू) कहकर चिढ़ाता था। रिपोर्टों के मुताबिक, महिला का नाम बर्नाडेट हेयस है। उसका आरोप है कि जिस कंपनी में वो काम करती थी, उसके बॉस मिक एटकिंस उसकी आयरिश पहचान का मजाक उड़ाने के लिए अपमानजनक और अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया।
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रोजगार न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा कि कंपनी के निदेशक मिक एटकिंस ने हेयस के लिए ऐसे वाक्य प्रयोग किए जो अपमानजनक और शर्मनाक थे और जिनका सीधा संबंध नस्ल से था। रोजगार न्यायाधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया कि वह उन्हें चार हफ्तों का वेतन दे, जो 29 लाख बनता है।
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हेयस ने बताई पूरी कहानी
हेयस ने अदालत में बताया कि उसके बॉस ऑफिस के कर्मचारियों के सामने अक्सर उसे पोटैटो कहकर बुलाते थे। उन्होंने व्हाट्सऐप मैसेज में भी पोटैटो लिखकर भेजा, जिससे कारण वो अपमानित और असुरक्षित महसूस करने लगी। महिला ने बताया कि ऑफिस का माहौल इतना खराब हो गया था कि उसे पैनिक अटैक आने लगे और नींद भी नहीं आने की समस्या होने लगी।
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क्यों नहीं छोड़ी नौकरी?
कोर्ट ने पूछा कि अपमान के बाद क्यों नौकरी नहीं छोड़ी? इसके जवाब में उसने कहा कि निजी परिस्थितियों के कारण नौकरी उसके लिए जरुरी थी, जिसके कारण वो मजबूरी में काम करती रही। अदलात ने सुनवाई के बाद माना कि यह सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि कर्मचारी को अपमानित किया गया था। इसलिए अदालत ने महिला को 29 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।