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Weird News: क्या बदलेगा इतिहास? खुदाई में मिली ऐसी रहस्यमयी चीज, जिसने वैज्ञानिकों के उड़ाए होश

Sat, 21 Mar 2026 05:43 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Weird News: पुरातत्वविदों ने मैक्सिको में एक रहस्यमयी वस्तु की खोज की है। इस खोज के बाद वैज्ञानिकों के होश उड़ गए हैं। उन्होंने यहां पर खोज में एक ऐसी मूर्ति खोजी है, जो बेहद हैरान करने वाली है। 
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खुदाई में मिली ऐसी रहस्यमयी चीज, जिसने वैज्ञानिकों के उड़ाए होश (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Weird News: हम सभी ने इतिहास की किताबें पढ़ी होंगी। इसमें पढ़ा गया है कि क्रिस्टोफर कोलंबस ने 1942 में अमेरिका की खोज की थी। लेकिन जब पता चले कि यह सच पूरा नहीं है, तो आप क्या सोचेंगे? दरअसल, मैक्सिको में पुरातत्वविदों ने एक अवशेष खोजा है। इस खोज ने दुनिया के इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं। उन्होंने मैक्सिको में एक ऐसी प्राचीन वस्तु की खोज की है, जिससे पता चलता है कि कोलंबस से सदियों पहले ही यूरोप और अमेरिका में संपर्क हो चुका था। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है? 

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुरातत्वविदों ने टेकाक्सिक-कैलिक्स्टलाहुआका हेड को खोजा है। यह टेराकोटा से बनाई गई है और एक दाढ़ी वाले इंसान की मूर्ति का सिर है। यह प्राचीन रोमन शैली को दिखाता है। मैक्सिकन पुरातत्वविद् जोस गार्सिया पायन ने वर्ष 1933 में मैक्सिको सिटी के पास एक पिरामिड की तरह संरचना की खुदाई के दौरान इसकी खोज की थी। 

सीलबंद कब्र में मिला था सिर 

सबसे बड़ी बात यह है कि मूर्ति एक सीलबंद कब्र में मिली थी। यह फर्श की तीन सुरक्षित परतों के नीचे दबी थी। इसके साथ सोने के गहने, हड्डियों की वस्तुएं और रॉक क्रिस्टल के टुकड़े भी मिले थे। यह इसके ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि कर रहे हैं। 
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जांच के बाद वैज्ञानिकों ने किया खुलासा

वैज्ञानिकों ने इस मूर्ति को दशकों तक शोध किया है। एंथ्रोपोलॉजिस्ट रॉबर्ट हेइन-गेल्डर्न ने 1961 में अनुमान लगाया कि हो सकता है यह करीब 200 ईसा पूर्व की हो। इसके बाद जर्मन पुरातत्वविद् बर्नार्ड एंड्रिया ने 1990 में पुष्टि की कि रोमन मूल की है। इसकी हेयर स्टाइल और दाढ़ी का पैटर्न रोमन साम्राज्य के सेवरन काल के शासकों से मिलती है।

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वैज्ञानिकों ने  थर्मोल्यूमिनेसेंस डेटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर इसकी सटीक उम्र का पता लगाया। इससे पता चला है कि यह मूर्ति  9वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 13वीं शताब्दी ईस्वी के बीच की है। इसका मतलब है कि कोलंबस के पहुंचने से बहुत पहले की है। 

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मैक्सिको की कब्र तक कैसे पहुंची मूर्ति? 

अब सवाल है कि आखिर रोमन मूर्ति मैक्सिको की सीलबंद कब्र तक कैसे पहुंच गई? बताया गया है कि यह कब्र 1476 से 1510 ईस्वी के बीच की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्पेनिश विजेता हर्नान कोर्टेस के 1519 ईस्वी में मैक्सिको पहुंचने के भी पहले की है। 

कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि कोई रोमन, फोनिशियन या बर्बर जहाज समुद्री धाराओं के माध्यम से गलती से अटलांटिक महासागर को पार कर गया होगा। इसके बाद वहां के लोग अंदरूनी इलाकों तक मूर्ति को लेकर चले गए होंगे। लेकिन अमेरिका में किसी रोमन बस्ती या जहाज के पुख्ता सबूत नहीं पाए गए हैं। इसके कारण यह थ्योरी आज भी रहस्य है।

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