फाटक पर ट्रेन रोक कर लोगों को चढ़ाया गया
- फोटो : इंस्टाग्राम@ travelindiawithrisi
रेलवे की ट्रेन को कोई अपनी निजी गाड़ी समझकर जब चाहे तब रुकवा सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी सवाल को जन्म दिया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि रेलवे फाटक पार कर रही एक ट्रेन कथित तौर पर एक व्यक्ति के फोन करने के बाद रुक गई। इसके बाद उसके साथ खड़े कुछ लोग ट्रेन में सवार होते दिखाई दिए। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो को फाटक के दूसरी तरफ जाम में फंसे एक व्यक्ति ने अपनी कार के अंदर से रिकॉर्ड किया है। वह लगातार पूरे घटनाक्रम की कमेंट्री भी करता नजर आता है। वीडियो में वह एक शख्स की ओर इशारा करते हुए बताता है कि वह काफी देर से फोन कर रहा है। साथ ही वह अंदेशा जताता है कि अगर उसके फोन के बाद ट्रेन रुकती है तो उसके रेलवे में कनेक्शन हो सकते हैं।
फाटक पर ट्रेन रोक कर लोगों को चढ़ाया गया
कार में बैठा व्यक्ति पहले ही कह देता है कि अगर ट्रेन यहां रुकी तो वह वीडियो रेल मंत्रालय तक पहुंचाएगा। इसी बीच ट्रेन रेलवे फाटक पर आकर रुक जाती है। इसके बाद बाहर खड़े कुछ लोग ट्रेन के अंदर जाते दिखाई देते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति इस पर सवाल उठाते हुए कहता है कि लोगों को इस तरह फाटक पर ट्रेन में चढ़ाया जा रहा है। वह यह भी कहता है कि इस तरह ट्रेन रोकने से क्या नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
यह वीडियो एक्स पर शेयर किया गया है। पोस्ट करने वाले यूजर ने घटना की जगह कुमारबाग रेलवे स्टेशन बताई है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सेवा ने समस्तीपुर डिवीजन के डीआरएम को टैग करते हुए मामले को देखने के लिए कहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मामले में कार्रवाई को लेकर कोई अपडेट सामने नहीं आया है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि संभव है कि बाहर खड़े यात्रियों का कोई साथी पहले से ट्रेन में रहा हो और उसने चेन पुलिंग की हो। दूसरा सवाल यह उठाया जा रहा है कि कहीं किसी रेलवे कर्मचारी ने पहचान या जान-पहचान के चलते ट्रेन तो नहीं रुकाई।
रेलवे व्यवस्था पर उठाया सवाल
इंटरनेट यूजर्स रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने पूछा कि जिस तरह ट्रेन को रोका गया, क्या वह कोई प्राइवेट बस है? एक और यूजर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग कर कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने लोको पायलट के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही। ज्यादातर यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।