बड़े-बड़े युद्ध में जीत हासिल करने वाले सुपरवार अमेरिका को एक छोटे से देश ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिए थे। वियतनाम युद्ध का इतिहास सिर्फ दो देशों के बीच हुई जंग नहीं है, बल्कि एक तरफ दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति और सुपर अमेरिका था, तो वहीं दूसरी तरफ वियतनाम जैसा छोटा सा देश।
साल 1973 में पेरिस पीस एकॉर्ड्स पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद वियतनाम से अमेरिका ने अपने सैनिक वापस बुला लिए। अमेरिका ने हर लड़ाई में जीत हासिल की थी, लेकिन वियतनाम से युद्ध हार गया, क्योंकि उसने हॉरिजोंटल एस्केलेशन रणनीति अपनाई थी। उसने युद्ध को एक जगह से कई इलाकों में फैला दिया। पड़ोसी देशों को शामिल कर दिया। अमेरिका को राजनीतिक, आर्थिक और जनमत के दबाव में लाकर रख दिया।
कैसे वियतनाम से अमेरिका की हुई थी हार?
वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका हवा में मार करने में माहिर था। वियतनाम और वियतकॉन्ग की रणनीति की वजह से उसने उत्तर वियतनाम की सेना और बुनियादी ढांचे को खत्म कर दिया। उन्होंने युद्ध को हॉरिजोंटल पर फैला दिया। इसका मतलब यह है कि एक इलाके में सीधे लड़ाई की जगह दक्षिण वियतनाम के शहरों, गांवों और पड़ोसी देशों (लाओस, कंबोडिया) में जंगल फैला दी।
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इसके कारण अमेरिका को कई मोर्चों पर युद्ध लड़ना पड़ा। जनता में विरोध बढ़ गया। खर्च बढ़ गया और आखिरी में 1973 में पीस एकॉर्ड्स से सेना वापस बुलानी पड़ी। इसके दो साल बाद 1975 में वियतनाम एक हो गया। अमेरिका ने सैन्य तौर पर जीत हासिल की, लेकिन राजनीतिक हार मान ली। वजह यह थी कि वह लंबे समय तक नहीं टिक पाया। वियतनाम में अमेरिका ने अरबों डॉलर खर्च किए। साथ ही 58,000 अमेरिका के सैनिकों की मौत हुई। जनता में विरोध बढ़ गया और आखिर में हार मान ली।
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क्यों शुरू हुआ युद्ध?
वियतनाम पर लंबे समय तक फ्रांस का शासन रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया भर में आजादी का दौर चल पड़ा था। वियतनाम में भी हो ची मिन्ह के नेतृत्व में मुक्ति संग्राम ने रफ्तार पकड़ ली। 1954 में डियन बियेन फू की लड़ाई में फ्रांस हार गया। इसके बाद जेनेवा समझौते हुआ और वियतनाम अस्थायी रूप से दो हिस्सों में बंट गया। उत्तरी वियतनाम में कम्युनिस्ट शासन था, जबकि दक्षिणी वियतनाम में अमेरिकी समर्थित सरकार।
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फैसला किया गया था 1956 में पूरे देश में चुनाव होंगे, लेकिन अमेरिका को डर था कि अगर चुनाव में हो ची मिन्ह के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी जीत गई, तो दक्षिण पूर्व एशिया जैसे लाओस, कंबोडिया, थाइलैंड जैसे देशों में कम्युनिज्म का प्रभाव बढ़ जाएगा। इसकी वजह से अमेरिका ने चुनाव रद्द करा दिए और यहीं से वियतनाम के गृहयुद्ध में सीधे तौर पर कूद गया।
अमेरिका ने युद्ध में शामिल होने के लिए टोंकिन खाड़ी की हुई घटना (1964) को आधार बनाया। दावा किया गया कि उत्तरी वियतनाम ने अमेरिकी नौसेना पर हमला किया। फिर अमेरिका ने अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी।