आजकल सोशल मीडिया पर एक नया शब्द लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है, ‘टेक्नोलॉजिया’। यह शब्द असल में ‘टेक्नोलॉजी’ का देसी अवतार है, जिसे आम भारतीय जुगाड़ के अंग्रेजी मिक्स अप के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह न सिर्फ सोशल मीडिया में लोकप्रिय हो रहा है, बल्कि आम जिंदगी में भी लोग इसे मजेदार अंदाज में इस्तेमाल करने लगे हैं। इंस्टाग्राम पर रील्स स्क्रॉल करते समय आपने भी इसे मजाकिया अंदाज में किसी वीडियो में जरूर सुना होगा। आइए जानते हैं कि वीडियो में क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हाल ही में, सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक बुजुर्ग यात्री ने ट्रेन की यात्रा के दौरान अपनी आरएसी सीट पर एक अलग ही लेवल का देसी जुगाड़ आजमाया। वीडियो को इंस्टाग्राम हैंडल @ataullah_bin_anwar से पोस्ट किया गया था और अब तक इसे 6 लाख से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं, जबकि व्यूज की संख्या भी लाखों में पहुंच चुकी है।
बुजुर्ग व्यक्ति ने सोने के लिए की अनोखी व्यवस्था
इस वायरल क्लिप में दिखाया गया है कि एक बुजुर्ग व्यक्ति भारतीय रेल की आरएसी सीट पर लेटे हुए हैं। उन्हें पूरी बर्थ नहीं मिल पाई थी। इसलिए उन्होंने सोने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला। वहीं, एक और आदमी फर्श पर लेटा नजर आता है, जो सीट न मिलने के कारण वहीं आराम कर रहा है। अब बात करते हैं उस खास जुगाड़ की जो बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनाया। उन्होंने एक कपड़ा लिया और उसे ट्रेन की खिड़की में बांध दिया। इस कपड़े को झूले की तरह इस्तेमाल करते हुए उन्होंने अपने पैरों को उसमें डाल दिया। इस तरह शरीर का निचला हिस्सा झूलता रहा और ऊपर का हिस्सा सीट पर रहा। यह देसी उपाय देखकर लोगों ने इसे ‘टेक्नोलॉजिया’ का असली उदाहरण करार दिया।
लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आते ही इंटरनेट यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “अंकल को शायद नहीं पता कि सीट नीचे की जा सकती है।” वहीं किसी ने इसे गरीबी से जोड़ते हुए कहा, “यह टेक्नोलॉजिया नहीं, मजबूरी और तंगी है।” एक और यूजर ने कमेंट किया, “यह इनोवेशन नहीं बल्कि जरूरत का समाधान है।”
लोग निकाल लेते हैं तरकीब
दरअसल, भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं, लेकिन सभी को कंफर्म सीट नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में यात्री अपनी सुविधा के लिए किसी न किसी तरह की तरकीब निकाल ही लेते हैं। इस तरह के देसी जुगाड़ आम हैं, लेकिन कभी-कभी कोई तरीका इतना अनोखा होता है कि वह सोशल मीडिया की नजरों में आ जाता है, जैसे इस बुजुर्ग यात्री के साथ हुआ।