रेलवे की ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कई तरह का सामान दिया जाता है। लेकिन जब यही सामान गायब हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होती है। इसे लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। अब चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। यहां एक अटेंडेंट ने एक यात्री पर ट्रेन का टॉवेल ले जाने का आरोप लगाया और उससे टॉवेल वापस लेने की कोशिश की। इस दौरान दोनों के बीच हुई बातचीत का वीडियो वायरल हो गया। तो आइए जानते हैं कि वीडियो में क्या दिखाया गया है।
सुबह चार बजे सामने आया मामला
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस के 3एसी कोच की बताई जा रही है। वीडियो में अटेंडेंट दीपू कुशवाहा नजर आ रहे हैं। दीपू का दावा है कि ग्वालियर से चित्तौड़गढ़ तक पहुंचने के दौरान कोच में एक भी टॉवेल नहीं बचा था। इसके बाद उन्हें कुछ यात्रियों पर शक हुआ और बैग की जांच करने की बात कही गई। वीडियो में दावा किया गया है कि एक यात्री के बैग से 49, 50, 51 और 52 नंबर वाले टॉवेल के सेट मिले।
यात्री से हुई तीखी बहस
वीडियो में अटेंडेंट यात्री से टॉवेल वापस करने के लिए कहता नजर आता है। इसी दौरान वह अपनी सैलरी से पैसे कटने की बात भी कहता है। बातचीत के दौरान अटेंडेंट काफी नाराज दिखाई देता है। यात्री उससे आराम से बात करने के लिए कहता है और माफी भी मांगता है। अटेंडेंट का दावा है कि चार टॉवेल गायब हैं, जबकि यात्री की ओर से वीडियो में एक टॉवेल वापस करते हुए देखा जाता है। चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर दोनों के बीच हुई इस बहस का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स अटेंडेंट की सतर्कता की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे की संपत्ति को अपना सामान समझकर ले जाना गलत है। वहीं कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि किसी यात्री को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना सही तरीका नहीं है। एक दूसरे वीडियो में ट्रेन से चादर और कंबल चोरी किए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इन वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने ट्रेन में मिलने वाले सामान को लेकर यात्रियों की जिम्मेदारी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी सामान को बिना अनुमति अपने साथ ले जाना गलत है और ऐसी स्थिति में संबंधित रेलवे कर्मचारी या अधिकारी को इसकी शिकायत करना ही सही तरीका है।