दुनिया में शराब की जितनी किस्में हैं, उतनी शायद किसी और चीज की नहीं होंगी। कहीं व्हिस्की का जलवा है। कहीं बीयर की मस्ती तो कहीं वाइन की महक, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी शराब के बारे में सुना है जो लोगों को चौंका दे? दक्षिण अमेरिका के अमेजन जंगलों में बनने वाली एक ड्रिंक है, ‘चिचा डे युवा’। जिसके बारे में सुनते ही लोग कहते हैं कि भाई ये तो पीने से पहले सोचनी पड़ेगी। वजह इसे बनाने का तरीका किसी भी आधुनिक दिमाग को हिला सकता है। तो आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो
अब जरा जान लीजिए कि ये शराब बनता कैसे है। वहां की स्थानीय महिलाएं युवा या कैसावा नाम की एक जड़ को पहले उबालती हैं ताकि वो नरम हो जाए। इसके बाद असली प्रोसेस शुरू होता है। वे उस उबली हुई जड़ को मुंह में रखकर अच्छे से चबाती हैं और फिर जो बनता है उसे एक बर्तन में थूक देती हैं। सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यही सच है फिर उस मिश्रण को कुछ घंटों के लिए फर्मेंट होने छोड़ दिया जाता है और इसके बाद बनती है ये शराब।
थूक से बनती है शराब?
अब कोई भी बाहरी व्यक्ति जब ये सुनता है कि ये थूक से बनी शराब है तो उसका चेहरा अपने आप बन जाता है, लेकिन अमेजन की जनजातियों के लिए ये कोई गंदी चीज नहीं, बल्कि एक परंपरा और गर्व की बात है। इस ड्रिंक का स्वाद मीठा और हल्का खट्टा होता है और वहां के लोग इसे बड़े चाव से पीते हैं। त्योहारों, गेस्ट के स्वागत और धार्मिक रस्मों में ये ड्रिंक बहुत आम है।
क्या है इसके पीछे का साइंस
अगर बात करें इसके पीछे के विज्ञान की तो इसमें भी तुक है। दरअसल इंसान के थूक में एक एंजाइम होता है, जो स्टार्च को शुगर में बदल देता है। यही शुगर फर्मेंटेशन के दौरान यीस्ट और बैक्टीरिया की मदद से अल्कोहल में बदल जाती है। यानी थूक सिर्फ गंदा नहीं, बल्कि इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इतिहासकारों का कहना है कि चिचा डे युवा कोई नई चीज नहीं है। इसका इतिहास करीब 5000 ईसा पूर्व का है। हालांकि, अब कई जगह इस ड्रिंक को मॉडर्न तरीके से बनाया जाता है। बिना थूक के वहां माल्टेड कैसावा या इंडस्ट्रियल यीस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इक्वाडोर की क्विचुआ जनजाति में चिचा डे युवा को वेलकम ड्रिंक की तरह पेश किया जाता है।