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ये है इतिहास का सबसे लंबा आदमी, महज दो साल की उम्र में चार फीट से ज्यादा थी लंबाई

Sun, 24 May 2020 04:50 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इतिहास का सबसे लंबा आदमी (साथ में परिवार के अन्य सदस्य) - फोटो : Social media
दुनिया के सबसे लंबे आदमी का विश्व रिकॉर्ड अक्सर बदलते रहता है, लेकिन इसी से जुड़ा एक विश्व रिकॉर्ड ऐसा भी है जो 80 साल से बरकरार है। 1940 से अब तक उस रिकॉर्ड को कोई भी तोड़ नहीं सका है। ये रिकॉर्ड है इतिहास के सबसे लंबे आदमी के तौर पर विख्यात रॉबर्ट वॉड्लो का। वह दुनिया के अब तक के सबसे लंबे व्यक्ति के तौर पर जाने जाते हैं। उनकी लंबाई आठ फीट 11.1 इंच थी। इतना लंबा व्यक्ति उनके बाद आज तक धरती पर पैदा नहीं हुआ है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम आज भी दर्ज है। 
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इतिहास का सबसे लंबा आदमी रॉबर्ट वॉड्लो - फोटो : Social media
रॉबर्ट अमेरिका के एल्टन (इलीनोइस) शहर के रहने वाले थे। 22 फरवरी 1918 को जन्मे रॉबर्ट के माता-पिता तो सामान्य ऊंचाई वाले थे, लेकिन उनकी ऊंचाई जन्म के कुछ महीने बाद से ही बेतहाशा बढ़ने लगी थी। महज छह महीने में ही उनकी लंबाई तीन फीट के करीब हो गई थी जबकि उनके जितनी ऊंचाई पाने में सामान्य बच्चों को कम से कम दो साल का वक्त लगता है। 
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इतनी तेजी से बढ़ी थी रॉबर्ट वॉड्लो की ऊंचाई (देखिए चार्ट) - फोटो : Wikipedia
रॉबर्ट जब एक साल के थे तो उनकी लंबाई तीन फीट छह इंच थी, जो दो साल के होते-होते चार फीट छह इंच से ज्यादा हो गई। पांच साल की उम्र में वो पांच फीट छह इंच से ज्यादा और 12 साल की उम्र में वो सात फीट लंबे थे। उस वक्त रॉबर्ट दुनिया के सबसे लंबे लड़के थे। 

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लड़कियों के साथ रॉबर्ट वॉड्लो - फोटो : Social media
साल 1936 में महज 18 साल की उम्र में रॉबर्ट ने दुनिया के सबसे लंबे आदमी का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। उस समय उनकी ऊंचाई आठ फीट चार इंच थी। वैसे आमतौर पर लोग 9-10 या 11 नंबर का जूता पहनते हैं, लेकिन एक जूते बनाने वाली कंपनी ने रॉबर्ट के लिए खास जूते बनाए थे, जिसका साइज 37AA था।  
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इतिहास का सबसे लंबा आदमी रॉबर्ट वॉड्लो - फोटो : Social media
रॉबर्ट की असाधारण लंबाई के बढ़ने का मुख्य कारण उनकी पीयूषिका-ग्रंथि का बढ़ना था। हालांकि ज्यादा लंबाई रॉबर्ट के लिए घातक सिद्ध हुई, क्योंकि उनके पैर और एड़ियों में कमजोरी आ गई थी, जिसकी वजह से उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होती थी। बाद में तो उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत पढ़ने लगी थी। उनके टखने में एक छाला भी हो गया था, जिससे बाद में इन्फेक्शन हो गया। इन सभी परेशानियों से जूझते हुए 15 जुलाई 1940 को महज 22 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी।  
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रॉबर्ट वॉड्लो की मूर्ति - फोटो : Social media
बताया जाता है कि रॉबर्ट के शव को 450 किलो भारी ताबूत में रखकर दफनाया गया था। इस ताबूत को उठाने में 12 से ज्यादा लोग लगे थे। उन्हें एल्टन के ओकवुड कब्रिस्तान में दफनाया गया है। एल्टन में उनकी एक आदमकद मूर्ति आज भी लगी हुई है। 
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