फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत में है दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवार, इसके निर्माण से जुड़ी है एक रहस्यमय कहानी

Sat, 14 Mar 2020 02:36 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवार - फोटो : Social media
ये तो हम सभी जानते हैं कि चीन की दीवार दुनिया की सबसे लंबी दीवार है, जिसकी लंबाई करीब 6400 किलोमीटर है। लेकिन शायद ही आप ये बात जानते होंगे कि चीन की दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार भारत में है। इसकी शानदार बनावट और लंबाई को देखते हुए इसे 'भारत की महान दीवार' का दर्जा दिया गया है। इस दीवार के निर्माण से जुड़ी एक बेहद ही रहस्यमय कहानी है, जिसके बारे में जानकर आप क्या कोई भी हैरान रह जाएगा। 
विज्ञापन

2 of 8
कुंभलगढ़ का किला - फोटो : Social media
इसे कुंभलगढ़ की दीवार के नाम से जाना जाता है, जो राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है। असल में कुंभलगढ़ एक किला है, जिसे 'अजेयगढ़' भी कहा जाता था, क्योंकि इस किले पर विजय प्राप्त करना बेहद ही मुश्किल काम था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस किले की दीवार को भेदने में मुगल शासक अकबर के भी पसीने छूट गए थे। 
विज्ञापन

3 of 8
कुंभलगढ़ का किला - फोटो : Social media
कुंभलगढ़ किले का निर्माण महाराणा कुंभा ने करवाया था। कहते हैं कि इसे बनने में 15 साल का लंबा समय लगा था। 16वीं सदी में महान शासक महाराणा प्रताप का जन्म भी इसी किले में हुआ था। कहा जाता है कि हल्दी घाटी के युद्धके बाद महाराणा प्रताप काफी समय तक इसी किले में रहे थे। इसके अलावा महाराणा सांगा का बचपन भी इसी किले में बीता था। 

4 of 8
कुंभलगढ़ का किला - फोटो : Social media
इस किले के अंदर 360 से ज्यादा मंदिर हैं, जिनमें से 300 प्राचीन जैन मंदिर और बाकि हिंदू मंदिर हैं। हालांकि इनमें से अब बहुत सारे मंदिर खंडहर हो गए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस किले के अंदर भी एक और किला है, जिसे 'कटारगढ़' के नाम से जाना जाता है। कुंभलगढ़ किला सात विशाल द्वारों से सुरक्षित है। किले में घुसने के लिए आरेठपोल, हल्लापोल, हनुमानपोल और विजयपाल आदि दरवाजे हैं। 
विज्ञापन

5 of 8
कुंभलगढ़ की दीवार - फोटो : Social media
कुंभलगढ़ किला समुद्र तल से लगभग 1100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 'अकबरनामा' और 'आइने अकबरी' जैसी प्रसिद्ध किताबें लिखने वाले अबुल फजल ने इस किले की ऊंचाई के संबंध में लिखा है कि 'यह दुर्ग इतनी बुलंदी पर बना हुआ है कि नीचे से ऊपर की तरफ देखने पर सिर से पगड़ी गिर जाती है।' 
विज्ञापन

6 of 8
कुंभलगढ़ की दीवार - फोटो : Social media
कुंभलगढ़ किले की दीवार करीब 36 किलोमीटर लंबी है। यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार है। इस दीवार की चौड़ाई करीब 15 मीटर है। कहते हैं कि इस पर एक साथ करीब 10 घोड़े दौड़ाए जा सकते हैं। यह दीवार पहाड़ की चोटी से घाटियों तक फैली हुई है। सैकड़ों साल पहले बनने के बाद भी यह दीवार वैसा का वैसा ही खड़ा है, यह कहीं से भी क्षतिग्रस्त नहीं है।  
विज्ञापन

7 of 8
कुंभलगढ़ की दीवार - फोटो : Social media
कुंभलगढ़ किले की दीवार के निर्माण से जुड़ी एक बेहद ही रहस्यमय कहानी है। कहते हैं कि सन् 1443 में महाराणा कुंभा ने जब इसका निर्माण कार्य शुरू करवाया, तो इसमें बहुत सारी अड़चनें आने लगीं। इससे चिंतित होकर राणा कुंभा ने एक संत को बुलवाया और अपनी सारी परेशानियां बताई। उस संत ने कहा कि दीवार के बनने का काम तभी आगे बढ़ेगा, जब स्वेच्छा से कोई इंसान खुद की बलि देगा। यह सुनकर राणा कुंभा फिर से चिंतित हो गए, लेकिन तभी एक अन्य संत ने कहा कि इसके लिए वह खुद की बलि देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पहाड़ी पर चलने दिया जाए और जहां भी वह रुकें, उन्हें मार दिया जाए और वहां देवी का एक मंदिर बनाया जाए। कहते हैं कि वह संत 36 किलोमीटर तक चलने के बाद रुक गए। इसके बाद वहीं पर उनकी बलि दे दी गई। इस तरह दीवार का निर्माण कार्य पूरा हो सका था। 
विज्ञापन

8 of 8
कुंभलगढ़ की दीवार - फोटो : Social media
कुंभलगढ़ को चारों तरफ से घेरे इस दीवार को कुंभलगढ़ का 'सिटी वॉल' कहा जाता है। रात में दीवार के चारों तरफ मशालें जलाई जाती हैं, जिसकी रौशनी से पूरी दीवार जगमगा उठती है। यह अद्भुत नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में यहां सैलानी आते हैं और पर्वत की चोटी से इस नजारे का लुत्फ उठाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें