जीवन की आपाधापी में खुद को खोता इंसान
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Race of Life: वर्तमान समय में हम अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि भीड़ में भी अकेले हैं। हर इंसान पैसे के पीछे भाग रहा है और पैसे में ही खुशी खोजने की कोशिश कर रहा है। आज क्षणिख सुख के पीछे इंसान अपना सबकुछ का बलिदान कर रहा है। दुनिया की इस चकाचौंध में इंसान अपने मूल से भटक चुका है। हालांकि, लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि उसकी आध्यात्मिक शांति और खुशहाल जीवन है।
हालांकि, जीवन जीने के लिए पैसा बहुत कुछ है, लेकिन पैसा ही सबकुछ नहीं है। समय के इस भागते चक्र में एक समय के बाद जब सबकुछ बीत जाता है। उस दौरान हमें ये एहसास होता है कि हमने अपने जीवन के अनमोल क्षणों को जीवन की इस आपाधापी में ही खो दिया।
इसी को दर्शाता एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे देखकर पता चलता है कि खुशी के लिए इंसान पैसों के पीछे किस तरह भाग रहा है और भीड़ भी अकेला है। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि इंसान किस तरह पैसे में खुशी खोज रहा है और उसका जीवन भागदौड़ वाली हो गई है। भीड़ में भागते हुए दफ्तर जाता है और फिर वापस आता है। एक समय आता है कि उसे पैसे से भी खुशी नहीं मिलती है।
इसके बाद वह खुशी के लिए नशा भी करता है फिर भी खुशी नहीं मिलती है, तो वह इसके लिए दवा लेता है। जब तक दवा का असर रहता है तब तक उसे खुशी का एहसास होता है। इस दौरान उसे लगता है कि वह आसमान में उड़ रहा है, लेकिन दवा का असर खत्म होते ही खुशी कहीं खो जाती है और फिर उसकी वही हालत हो जाती है। खुशी के लिए पैसे के पीछे भागने लगता है। इस वीडियो के जरिए जीवन की भागदौड़ ( Race of Life) को दिखाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती है।