बिहार के रक्सौल से समस्तीपुर जाने वाली एक ट्रेन में सोमवार सुबह ऐसी घटना हुई, जिसे देखकर यात्री घबरा गए। ट्रेन के एक डिब्बे में एक पालतू कुत्ता सीट से जंजीर से बंधा हुआ मिला। सबसे हैरानी की बात यह थी कि उसका मालिक कहीं नजर नहीं आया। इस वजह से यात्रियों में डर का माहौल बन गया और ट्रेन को समय पर रवाना नहीं किया जा सका। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से जाने जाते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ट्रेन सुबह रक्सौल से समस्तीपुर के लिए छूटने वाली थी। लेकिन कुत्ते के कारण ट्रेन लगभग 80 मिनट तक रुकी रही। जब यात्री ट्रेन में चढ़ने लगे तो कुत्ता डर गया और जोर-जोर से भौंकने लगा। कई बार उसने यात्रियों की तरफ झपटने की कोशिश भी की। यह देखकर लोग घबरा गए और कोच में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति संभालने की कोशिश की और कुत्ते के मालिक को ढूंढने लगे। लेकिन काफी देर तक किसी ने भी आकर उस कुत्ते की जिम्मेदारी नहीं ली। ऐसे में रेलवे ने मजबूरी में पूरा डिब्बा खाली करवा दिया और कुत्ते को उसी सीट से बंधा रहने दिया गया। आखिरकार करीब डेढ़ घंटे की देरी के बाद सुबह ट्रेन को रवाना किया गया।
ट्रेन रवाना होने में हुई देरी
यह घटना उस समय सामने आई है जब देशभर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर बहस चल रही है। कोर्ट ने कहा है कि स्ट्रे डॉग्स को शेल्टर में रखा जाए और उन्हें सड़कों पर वापस न छोड़ा जाए। ऐसे में इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और जानवरों के साथ इंसानों के व्यवहार पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक सफेद रंग का कुत्ता ट्रेन की सीट से बंधा हुआ है। इंस्टाग्राम पर @streetdogsofbombay नाम के पेज ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "अगर रक्सौल या समस्तीपुर के आसपास कोई एनजीओ या पशु प्रेमी है तो कृपया तुरंत इस कुत्ते को बचाने पहुंचे। इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, इस संदेश को फैलाएं और एक जान बचाएं।"
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
वीडियो वायरल होते ही लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिले। कई लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर कोई अपने पालतू जानवर के साथ इतना बेरहम कैसे हो सकता है। एक यूजर ने लिखा, "अब सुप्रीम कोर्ट कहां है? क्या वह बच्चों और यात्रियों का डर नहीं देख सकता?" वहीं, दूसरे ने कहा, "अगर इस कुत्ते को रखना नहीं था तो इसे किसी शेल्टर या एनजीओ को सौंप देते, लेकिन इस तरह बीच ट्रेन में बांधकर छोड़ना बहुत गलत है।"