ब्राजील से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना ने वहां की पुलिस, डॉक्टर और लोगों को अंदर तक हिला कर रख दिया है। मामला साओ पाउलो राज्य के सोरोकाबा शहर का है, जहां एक छह साल की मासूम बच्ची को उसके ही माता-पिता ने कैद कर रखा था। यह कैद किसी दिन या महीने की नहीं बल्कि पूरे छह साल की थी। यानी बच्ची ने अपना पूरा बचपन चार दीवारों के अंदर, अंधेरे कमरे में कैद होकर बिताया। इस घटना के बारे में जिसको भी पता चला, उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। तो आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
पुलिस को इस बारे में एक अनजान शिकायत मिली थी। शिकायत मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और छापा मारा। जब उन्होंने उस कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। छोटा-सा कमरा पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ था और वहां एक छह साल की बच्ची बेहद कमजोर, डरी-सहमी और घबराई हुई हालत में पाई गई। कमरे की दीवारों पर बच्चे की लंबाई के हिसाब से निशान बने हुए थे, जो ये साफ बताते थे कि बच्ची का पूरा बचपन उसी कमरे में बीता है।
छह साल से बच्ची को कमरे में रखा बंद
जांच में सामने आया कि बच्ची को कभी ठीक से खाना नहीं दिया गया। माता-पिता उसे सिर्फ लिक्विड चीजों पर जिंदा रखते थे। यही वजह थी कि उसकी सेहत बहुत खराब हो गई थी। बच्ची इतनी कमजोर हो गई थी कि जब उसे बाहर निकाला गया तो उसने नॉर्मल खाना खाने से भी इनकार कर दिया। खाना खाने की बजाय वह अजीब तरह की आवाजों में संवाद करने की कोशिश करने लगी।
बच्ची को नहीं आता था बोलना
चाइल्ड प्रोटेक्शन काउंसलर लिजिया गुएरा ने बच्ची की हालत देखी और बताया कि उसका बाल शायद कभी धुला ही नहीं गया था। बच्ची को न कभी नहलाया गया, न साफ-सफाई दी गई। उसे किसी तरह की दवा या वैक्सीन तक नहीं दी गई थी। सबसे हैरानी की बात यह थी कि छह साल की उम्र तक पहुंचने के बाद भी बच्ची बोलना नहीं जानती थी। वह बिल्कुल बाहरी दुनिया से अनजान थी। मानो उसने बाहर की रोशनी, लोगों की आवाजें और एक नॉर्मल जीवन कभी देखा ही न हो।
पुलिस ने माता-पिता को किया गिरफ्तार
पुलिस ने तुरंत बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। उन पर गैरकानूनी कैद और बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए गए। पुलिस प्रमुख रेनेट जनिन के अनुसार, जब माता-पिता से पूछताछ की गई तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। मां को तो यह तक समझ नहीं था कि उन्होंने कितना बड़ा और गंभीर अपराध किया है। शुरुआती जांच में यह भी पाया गया कि इस घटना के पीछे किसी मानसिक बीमारी का कारण नहीं था, यानी उन्होंने यह सब जानबूझकर किया।
बच्ची का चल रहा है इलाज
फिलहाल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां डॉक्टर और काउंसलर की एक टीम लगातार उसका इलाज कर रही है। डॉक्टर उसकी शारीरिक सेहत सुधारने की कोशिश कर रहे हैं और काउंसलर उसकी मानसिक स्थिति बेहतर बनाने में लगे हैं। छह साल तक अकेलेपन, भूख और गंदगी में रहने के बाद अब बच्ची को नॉर्मल जिंदगी में लाना आसान नहीं होगा, लेकिन टीम पूरी मेहनत कर रही है।