वर्कप्लेस पर महिला के साथ हुआ उत्पीड़न
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
हम समाज में महिला सुरक्षा की बात तो करते हैं, लेकिन वर्कप्लेस पर होने वाले उत्पीड़न की घटनाएं अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं। ऐसा ही एक मामला मुंबई की एक महिला स्क्रिप्ट राइटर के साथ हुआ, जिसने इस मुद्दे को खुलकर सामने रखा। महिला ने जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा किया यह मिनटों में वायरल भी हो गया और हर कोई वर्क प्लेस हैरेसमेंट को लेकर जागरूक रहने की बात कर रहा है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वायरल पोस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
शुभांगी नाम की इस स्क्रिप्ट राइटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी आपबीती साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि एक डायरेक्टर ने उन्हें बेहद गलत ऑफर दिया। चेन्नई निवासी उस शख्स ने शुभांगी से रात के समय संपर्क किया और शुरुआत में खुद को काम से जुड़ा बताते हुए बातचीत शुरू की। लेकिन कुछ देर बाद उसने कहा, “मैं तुम्हें पांच हजार रुपये दूंगा। अगर तुम अपनी कमर दिखाओ।” इस बेहूदा ऑफर से शुभांगी शॉक हो गई। उन्होंने बातचीत के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि शुरुआत में यह एक नॉर्मल काम से जुड़ी बातचीत लग रही थी, लेकिन जब पैसों की बात आई तो उन्हें शक हुआ कि यह कोई काम का ऑफर नहीं, बल्कि अश्लील डील है।
शुभांगी ने साझा की आपबीती
शुभांगी ने यह भी कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। खासकर फ्रीलांसर महिलाओं को ऐसे भद्दे मैसेज और फर्जी काम के बहाने निशाना बनाना आम बात हो गई है। ऐसे लोग मानते हैं कि महिलाएं बदनामी या शर्मिंदगी के डर से चुप रहेंगी। लेकिन शुभांगी ने चुप रहने के बजाय इसका सामना किया और उस व्यक्ति का नंबर और प्रोफाइल भी सार्वजनिक कर दिया। बाद में उस व्यक्ति ने अपनी गलती मानी और माफी मांगते हुए कहा कि उसने नशे की हालत में वह मैसेज किया था। हालांकि, शुभांगी ने इसे बहाना मानते हुए कहा कि नशा किसी की सोच को इतना नहीं बदलता कि वह इस हद तक गिर जाए।
पोस्ट पर यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
शुभांगी की इस पोस्ट पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी बहादुरी की तारीफ की। एक यूजर ने कमेंट किया, “बहुत अच्छा किया जो ऐसे दरिंदे का पर्दाफाश किया।” एक दूसरे यूजर ने लिखा, “लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग अब चिंता का विषय बन चुका है।”लोगों का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि महिला सुरक्षा सिर्फ सड़कों और बसों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वर्कप्लेस और प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर भी महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानित माहौल मिलना चाहिए।