आज के समय में इंसानियत ऐसी चीज बन गई है, जिसे बहुत ही कम लोग अपने अंदर जिंदा रख पाए हैं। अक्सर लोग अपनी सुरक्षा और फायदे को ही सबसे पहले सोचते हैं। लेकिन दुनिया में अभी भी कुछ लोग ऐसे मौजूद हैं, जो दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं करते। ऐसे ही लोगों के काम जब कैमरे में कैद हो जाते हैं और सोशल मीडिया पर सामने आते हैं, तो लोग उन्हें दिल से सलाम करते हैं। इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक चाचा ने अपनी जान पर खेलकर एक मासूम बच्चे की जिंदगी बचा ली। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बारिश के दिनों में कई बार बिजली से जुड़े हादसे देखने को मिलते हैं। कभी बिजली के खंभे गिर जाते हैं, तो कभी तार टूटकर सड़क पर फैल जाते हैं। ऐसे हालात में करंट जमीन तक पहुंच जाता है और छोटी-सी गलती भी बड़ी जानलेवा साबित हो सकती है। अब जो वीडियो सामने आया है, उसमें भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक बच्चा करंट की चपेट में आ गया और सड़क पर गिर पड़ा। उसके आसपास कई लोग मौजूद थे। सब देख रहे थे कि बच्चा रो रहा है और तड़प रहा है, लेकिन करंट की वजह से कोई भी उसकी मदद करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
बच्चे को मौत के मुंह से निकालते हैं चचा
तभी वहां एक चाचा पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए बच्चे की ओर बढ़ने की कोशिश की। जैसे ही वे सीधे बच्चे को पकड़ने गए, उन्हें जोर का झटका लगा और वे पीछे हट गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने तुरंत अपना दिमाग लगाया और पास में रखा गमछा उठाकर उसकी मदद से बच्चे को खींचकर अपनी ओर ले आए। इस तरह उन्होंने करंट से जूझ रहे मासूम को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। अगर वे समय पर ये कदम न उठाते तो शायद बच्चे की जान बचाना मुश्किल हो जाता।
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
सोशल मीडिया पर यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट true.line__ से शेयर किया गया है। खबर लिखे जाने तक हजारों लोग इसे देख चुके हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग चाचा की बहादुरी और इंसानियत की खूब तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “इस चाचा को दिल से सलाम।” वहीं एक दूसरे ने लिखा, “इंसानियत किसी धर्म या जाति से कहीं बड़ी होती है और इसे हर किसी को समझना चाहिए।” वहीं, एक और यूजर ने भावुक होकर लिखा, “चाचा ने सच में अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे को बचाया। अगर जरा-सी भी गलती होती तो उनकी खुद की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।”