राजस्थान का रणथंभौर नेशनल पार्क दुनियाभर में मशहूर है। यहां लोग दूर-दूर से जंगल सफारी का आनंद लेने और बाघों समेत कई जंगली जानवरों को करीब से देखने आते हैं। आमतौर पर सफारी का अनुभव रोमांच और यादगार पलों से भरा होता है, लेकिन हाल ही में एक फैमिली और उनके साथ मौजूद लोगों के लिए यह अनुभव किसी डरावने सपने जैसा बन गया। तो आज की इस खबर में हम भी आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
करीब 20 लोगों का एक ग्रुप जंगल सफारी पर गया था। सभी लोग खुले कैंटर यानी ओपन बस में बैठकर जंगल की सैर कर रहे थे। शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल था, लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद अचानक कैंटर जंगल के बीचोबीच खराब हो गया। पर्यटक एकदम से वहीं फंस गए। कैंटर खराब होना तो एक तकनीकी समस्या थी, लेकिन असली परेशानी तब शुरू हुई जब सफारी गाइड और ड्राइवर ने स्थिति को संभालने के बजाय लापरवाही दिखाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक गाइड ने यात्रियों से बदसलूकी की और दूसरा कैंटर लाने का बहाना बनाकर वहां से चला गया। मगर हैरानी की बात यह रही कि वह वापस लौटा ही नहीं और पर्यटकों को घने जंगल में अंधेरे के बीच अकेला छोड़कर फरार हो गया।
पर्यटकों को अकेला छोड़कर भाग गया गाइड
रणथंभौर नेशनल पार्क में इस समय करीब साठ से ज्यादा बाघ मौजूद हैं। बाघों के अलावा यहां तेंदुए, भालू, मगरमच्छ और कई खतरनाक जानवर भी रहते हैं। ऐसे माहौल में जंगल के बीच बिना मदद फंसे रहना किसी भी इंसान को डरा सकता है। घटना के वीडियो में साफ दिखाई देता है कि छोटे बच्चे अंधेरे में डर के मारे रो रहे थे, जबकि महिलाएं घबराकर मदद की उम्मीद कर रही थीं। उस समय पर्यटकों का सहारा सिर्फ मोबाइल की फ्लैशलाइट ही बनी रही।
पार्क प्रशासन हरकत में आया
यह घटना सामने आते ही पार्क प्रशासन हरकत में आया। वीडियो और शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई। उप वन संरक्षक प्रमोद धाकड़ ने बताया कि जांच पूरी होने तक तीन कैंटर ड्राइवर कन्हैया, शहजाद चौधरी और लियाकत अली के साथ गाइड मुकेश कुमार बैरवा को रणथंभौर पार्क की एंट्री से रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा से समझौता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रणथंभौर टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है बल्कि यहां की जैव विविधता भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस पार्क में तेंदुए, सुस्त भालू, सियार, रेगिस्तानी लोमड़ी, मगरमच्छ और कई दुर्लभ पक्षी व सरीसृप पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह पार्क हर साल हजारों भारतीय और विदेशी सैलानियों को अपनी ओर खींचता है।