समुद्र में मछुआरों को मिली मनहूस मछली
- फोटो : एक्स @sweetpotato_506
हमारे समुद्र आज भी कई ऐसे अनजान जीवों से भरे हुए हैं, जिनके बारे में इंसान बहुत कम जानता है। ऐसे ही एक जीव का नाम है ओअरफिश, जिसे आमतौर पर लोग ‘डूम्सडे फिश’ यानी ‘प्रलय की मछली’ कहते हैं। इसका दिखना बहुत ही अलग माना जाता है, लेकिन जब भी यह मछली समुद्र की सतह पर नजर आती है तो लोगों में डर और तरह-तरह के सवाल उठने लगते हैं। इस मछली के मिलने के बाद अब लोगों को आशंका हो रही है कि क्या दुनिया में कुछ बड़ा और गलत घटने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर
हाल ही में, तमिलनाडु के समुद्र तट पर मछुआरों को यह अनोखी मछली मिली। इसकी चमचमाती सिलवरी स्किन, लहरदार पतली लंबी बनावट और सिर के पास लाल रंग की कंगी जैसी फिन ने सभी का ध्यान खींच लिया। ओअरफिश की लंबाई लगभग 30 फीट तक हो सकती है और यह मछली समुद्र की 200 से 1000 मीटर गहराई में रहती है। इतने नीचे रहने वाली यह मछली बहुत ही कम सतह पर आती है। इसलिए इसका बाहर आना हर बार चर्चा में आ जाता है।
मछुआरों के हाथ में आई मछली
इस मछली का वीडियो 31 मई को @sanatan_kannada नाम के एक्स हैंडल पर शेयर किया गया। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ मछुआरे नाव में मिलकर इस बड़ी मछली को पकड़ते हैं। सात लोग इस मछली को उठाते और उसके साथ वीडियो बनाते नजर आते हैं। ओअरफिश को लेकर लोगों के बीच एक पुरानी मान्यता है कि यह मछली जब भी दिखाई देती है तो इसका मतलब होता है कि जल्द ही कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आने वाली है। सबसे मशहूर उदाहरण जापान का है, जहां 2011 में भूकंप और सुनामी से पहले कई ओअरफिश समुद्र किनारे मरी हुई पाई गई थीं। इसके बाद से लोगों का विश्वास और भी बढ़ गया कि यह मछली समुद्र के नीचे हो रही हलचलों का संकेत देती है।
समुद्र के भीतर किसी बड़े खतरे का संकेत देती है ये मछली
जापानी लोग मानते हैं कि अगर ओअरफिश गहराई छोड़कर ऊपर आ जाए तो यह समुद्र के भीतर किसी बड़े खतरे का संकेत है। सिर्फ जापान ही नहीं मेक्सिको में भी इस मछली के नजर आने के कुछ ही समय बाद भूकंप आया था। यही वजह है कि इसे ‘प्रलय की मछली’ कहा जाने लगा। अब जब यह मछली भारत के तमिलनाडु में देखी गई है तो लोगों में फिर से वही डर उठने लगा है।
जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
हालांकि वैज्ञानिक इस बात को नहीं मानते कि ओअरफिश कोई भविष्यवाणी करती है। उनका कहना है कि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जो यह साबित कर सके। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मछली पर्यावरण में बदलाव या समुद्र की गहराई में गड़बड़ी की वजह से सतह पर आ सकती है। फिर भी सवाल वही बना हुआ है, जब भी यह मछली नजर आती है, उसके बाद कुछ बड़ा क्यों होता है? क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या कोई छिपा हुआ संकेत?