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Stephen Hawking: स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे, जिनके बारे में जानकर यकीन नहीं होगा

Wed, 11 Feb 2026 05:26 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Stephen Hawking: स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल पर कई रिसर्च किए जिसके बाद भौतिकविदों के पास ब्रह्माण्ड की जो समझ थी उस पर फिर से विचार करना पड़ा। भौतिकविदों का मानना था कि एन्ट्रॉपी तंत्र के आयतन के साथ बढ़ती है।
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स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे - फोटो : Adobe Stock
Stephen Hawking: दुनिया के प्रसिद्ध वैज्ञानिक रहे स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) ने ब्रह्मांड को लेकर कई चौंकाने वाला खुलासे किए हैं। इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में जन्मे स्टीफन हॉकिंग बचपन से ही ब्रह्मांड के बारे में जानना चाहता थे। स्टीफन हॉकिंग 21 साल की उम्र में ही न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के शिकार हो गए थे और इस बीमारी की वजह से व्हीलचेयर पर आ गए। इस बीमारी के वजह से उनकी आवाज चली गई, लेकिन स्पीच-जनरेटिंग डिवाइस के जरिए वह बात करने लगे। उन्होंने कई सिद्धांतों के बारे में दुनिया को बताया और समझाया। उन्होंने ब्रह्माण्ड के बारे में बहुत सारे रिसर्च किए हैं जिसके माध्यम से कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। इनमें बिंग बैंग और ब्लैक होल समेत कई थ्योरी शामिल हैं। 

ब्लैक होल के बारे में पहले किसी को जानकारी नहीं थी, लेकिन स्टीफन हॉकिंग रहस्यमयी पिंड के रहस्य से पर्दा उठाया। साल 1971 में पहले ब्लैक होल की खोज की गई थी। हॉकिंग ने इनके बारे में कई जानकारियां दी जिससे इनके बारे में जानने में मदद मिली। स्टीफन हॉकिंग ने साल 1974 में ब्लैक हॉल्स पर रिसर्च किया और उसकी थ्योरी मोड़ दी। इसकी वजह से वह विज्ञान की दुनिया के सेलिब्रिटी बन गए। 
 
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स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे - फोटो : Adobe Stock
माना जाता है कि ब्लैक होल का विकिरण की व्याख्या महीन कणों से होती है। सामान्यतया अलग नहीं होने वाले सकारात्मक और ऋणात्मक कणों के जोड़े ब्लैक होल की सीमा पर अलग हो जाते हैं। स्टीफन हॉकिंग ने साल 1974 में इस पर रिसर्च किया जिसके बाद इस विकिरण को हॉकिंग विकिरण या हॉकिंग बेकनस्टीन विकिरण नाम दिया गया। हॉकिंग ने बताया था कि ब्लैक होल से तारों की तरह हमेशा विकिरणों का उत्सर्जन होता है। 
 
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स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे - फोटो : Adobe Stock
स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल पर कई रिसर्च किए जिसके बाद भौतिकविदों के पास ब्रह्माण्ड की जो समझ थी उस पर फिर से विचार करना पड़ा। भौतिकविदों का मानना था कि एन्ट्रॉपी तंत्र के आयतन के साथ बढ़ती है। हॉकिंग की एंट्रॉपी और क्षेत्रफल के संबंधों की कड़ी ने हैरान वाला काम किया। स्टीफन हॉकिंग ने भौतिकविदों और ब्रह्माण्डविदों का नजरिया बदलकर रख दिया। इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की भी ब्लैक होल और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि को बढ़ा दिया। स्टीफन हॉकिंग वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणा हैं। 

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स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे - फोटो : Adobe Stock
हॉकिंग ने अपने रिसर्च के बल पर कहा था कि दुनिया को भगवान ने नहीं रची है। उनका कहना था कि दुनिया भौतिक विज्ञान के नियमों का नतीजा है। दुनिया के महान वैज्ञानिकों में शामिल स्टीफन हॉकिंग ने 76 साल की उम्र में 14 मार्च 2018 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। 

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स्टीफन हॉकिंग ने ब्रह्मांड पर किए हैं ये बड़े खुलासे - फोटो : Adobe Stock
डॉक्टरों को साबित किया झूठा

न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी की चपेट में इंसान के तंत्रिका तंत्र के काम न करने की वजह से शरीर की मूवमेंट बंद हो जाती है। स्टीफन हॉकिंग बीमारी की इलाज के लिए अस्पताल गए, तो डॉक्टरों ने कहा कि वह 2 साल तक ही जिंदा रह सकते हैं। लेकिन उन्होंने डॉक्टरों की भविष्यवाणी को गलत साबित किया और 76 साल तक जिंदा रहे। 
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