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Solar Flares: सूरज में हुआ भयानक विस्फोट, धरती की तरफ आ रहा खतरनाक सौर तूफान, क्या पृथ्वी को है कोई खतरा

Thu, 02 Jul 2026 06:50 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Solar Flares: सूरज में हुए भयानक विस्फोट ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। विस्फोट के बाद सूरज से निकाल सौर फ्लेयर्स धरती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 
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सूरज में हुआ भयानक विस्फोट, धरती की तरफ आ रहा खतरनाक सौर तूफान - फोटो : AI
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विस्तार
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Solar Flares: अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं का असर धरती पर भी पड़ता है। सूरज अंदर हुई एक घटना ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। सूरज से लगातार सौर ज्वालाएं निकल रही हैं। दरअसल, सूरज के अंदर भयानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद अमेरिका में वैज्ञानिक अलर्ट पर हैं। वैज्ञानिकों ने कहा कि इस विस्फोट के बाद कोरोनल मास इजेक्शन (CME) हुआ है।

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उन्होंने आगे बताया कि कोरोनल मास इजेक्शन इलेक्ट्रिक चार्ज वाले कणों के एक विशाल बादल जैसे है और यह धरती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने 3 जुलाई (भारतीय समयानुसार 4 जुलाई) को जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म की चेतावनी जारी की है।

इसमें चेतावनी में कहा गया है कि CME का कम से कम कुछ भाग धरती से भयानक तरीके से टकरा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक चार्ज से लैस CME जब पथ्वी की तरफ आते हैं, जो जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म पदा कर सकते हैं। इससे आसमान में शानदार नॉर्दर्न लाइट्स नजर आ सकती है। 
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सूरज पर क्या हुआ है?

सूरज ने 30 जून को रीजन 4479 नाम के एक्टिव स्पॉट से एक शक्तिशाली X1.1 क्लास सौर ज्वाला (सोलर फ्लेयर) छोड़ा था। सूरज जिस इलाके से यह सोलर फ्लेयर निकली उसका मुंह पृथ्वी की तरफ था। इसकी वजह से विस्फोट के कारण निकली X-रे की तेज लहरें 8 मिनट से कुछ अधिक में पृथ्वी पर पहुंचीं। इससे उत्तरी अमेरिका में दिन में तेज रेडियो ब्लैक आउट हो गया। इसका प्रभाव मुख्य तौर पर हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो इस्तेमाल करने वालों पर हुआ है। उन्हें सिग्नल कुछ समय के लिए रुकावट के लिए सामना करना पड़ा।

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पृथ्वी से CME की हो सकती है टक्कर

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि CME की पृथ्वी से टक्कर हो सकती है। हालांकि, ज्यादातर CME पृथ्वी के उत्तर से गुजरेंगे। इसकी वजह से इलेक्ट्रिकली चार्ज इतने ज्यादा कण वायुमंडल के संपर्क में आ सकते हैं कि अमेरिका के उत्तरी हिस्से में नॉर्दर्न लाइट नजर आ सकती हैं। लेकिन यह तूफान के सटीक रास्ते और उसकी शक्ति पर निर्भर होगा। 

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क्या होता है सौर तूफान? 

सूरज के अंदर उठने वाले विस्फोटों की वजह से सौर तूफान (सौर फ्लेयर्स) आते हैं। सौर फ्लेयर्स चुंबकीय गुणों से भरे होते हैं और सौरमंडल में बढ़ते हैं। इन्हें सौर तूफान भी कहा जाता है। जब सौर तूफान की टक्कर पृथ्वी के वातावरण में होती है, तो हलचल पैदा होती है। इस तरह के सौर तूफान से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन की बहुत ज्यादा मात्रा बाहर आती है, जो तुरंत पृथ्वी तक पहुंच जाती है।

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क्या है सौर तूफान से खतरा?

जमीन पर सौर तूफान से इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन आयनोस्फीयर को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं। इसकी वजह से हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो कम्युनिकेशन, नेविगेशन सिग्नल और सैटेलाइट ऑपरेशन में रुकावटें उतपन्न हो सकती हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) इस समय अपने 50 से अधिक ऑपरेशनल सैटेलाइट पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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