फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावा: लुप्त हो रहा प्लूटो का वायुमंडल, नए शोध में वैज्ञानिकों ने बताई ये है मुख्य वजह

Tue, 12 Oct 2021 10:51 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्लूटो पर धरती की ही तरह एक पतला और कमजोर माहौल है, जो मुख्यत: नाइट्रोजन से बना है। इस बौने ग्रह को सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में धरती के हिसाब से 248 वर्ष का समय लगता है। एक नए शोध में पाया गया है कि प्लूटो का वातावरण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्लूटो वर्षों पहले एक ग्रह के रूप में अपनी स्थिति खो दी थी उसका अब वातावरण गायब हो रहा है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्लूटो के चारों ओर फैली गैस अब सिकुड़ कर वापस बर्फ में बदल रही है, जिससे उसका वायुमंडल  सिमट रहा है। यह बौना ग्रह सूर्य से बहुत दूर जा रहा है। वैज्ञानिकों ने एक नए शोध में पाया है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि प्लूटो का वातावरण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है । ProfoundSpace.org की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्लूटो के पतले वातावरण का अध्ययन करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको में कई जगहों पर दूरबीनों का इस्तेमाल किया, जो मुख्य रूप से नाइट्रोजन से बना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें