आपने कभी चंदा मामा के बारे में ऐसा नहीं सुना होगा कि उसके अंदर भी एक ज्वाला भड़कती है और उसके अंदर भी एक आग पनपती है।
बेहद फिल्मी सी लगने वाली ये लाइन हमारे चांद पर बिल्कुल फिट बैठती है। जी हां, डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक हाल ही में चीन के बीजिंग के रीसर्चों ने इस मामले में एक खुलासा किया है।
उनका कहना कि चांद के अंदरूनी हिस्से यानी के कोर में लावा बहता है। उनके हिसाब से धरती की गुरूत्वाकर्षण शक्ति ही चांद के कोर में लावा के बहते रहने की बड़ी वजह है।