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एक शख्स के तीन चेहरे, आखिर में भाया उधार का चेहरा

Wed, 24 Jun 2015 04:55 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
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ऐसा कई बार सुना होगा कि किसी हादसे के बाद इंसान का चेहरा इस कदर बिगड़ गया कि उसे प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ी। मेडिकल साइंस इतनी आगे बढ़ गई है कि अब किसी के भी बिगड़े चेहरे को देखने लायक बना दे।
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लेकिन इस आदमी के साथ ऐसा हुआ कि सुनने वाले को भी यकीन करने में मुश्किल हो। ये है रिचर्ड नोरिस जिन्होंने करीब 18 साल पहले गलती से अपने ही चेहरे पर गोली चला लेने के कारण अपने चेहरे खो दिया था।

इस हादसे में उनकी नाक, दांत और होंठ पूरी तरह बेकार हो गए थे। वे न तो कुछ खा पाते थे न सूंघ पाते थए। उनका चेहरे इतना बिगड़ गया था कि शर्म के मारे न तो वो कहीं बाहर जाते थे न किसी से मिलते थे।
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कई चेहरे बदले पर कोई नहीं भाया

यूं तो रिचर्ड की पहले भी कई सर्जरी हुई थीं लेकिन कोई भी इतनी सफल नहीं रहीं। डॉक्टरों का कहना था कि पलकों के ऊपर वाला हिस्सा और होंठ जैसे अंगों को दोबारा बना पाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी।

जोशुआ काफी परेशान हो चुके थे, वो सर्जरी से पाए चेहरे से खुश नहीं थे। उसमें उन्हें हमेशा कोई न कोई कमी सी लगती थी। ये चेहरा उन्हें काफी बनावटी लगता था और जोशुआ चाहते थे कि कोई चेहरा मिले जिसे पाकर वो संतुष्ट महसूस कर सके।

रिचर्ड के लिए वरदान बन कर आया एक दूसरे व्यक्ति का चेहरा। 2012 में एक कार हादसे में अपनी जान गंवा चुके 21 साल के जोशुआ एवरसानो के परिवार वालों से बात की गई तो वे उसका चेहरा दान करने के लिए राजी हो गए।
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दान में मिले चेहरे से खिल उठी जिंदगी

फिर क्या था, रिचर्ड के बिगड़े चेहरे को ठीक ठाक रूप देने के लिए 150 डॉक्टरों  की टीम ने 36 घंटों तक चले ऑपरेशन के बाद रिचर्ड को जोशुआ से मिलता जुलता हुआ चेहरा ट्रांसप्लांट कर दिया। रिचर्ड ने जब पहली बार अपना नया चेहरा देखा तो वो डॉक्टरों और जोशुआ के परिवार वालों का शुक्रिया करते नहीं थक रहे थे।

अब उनके पास ऐसा चेहरा था जिसे लोग देख कर डर नहीं रहे थे। रिचर्ड की पहले भी कई सर्जरी हुई थीं लेकिन कोई भी इतनी सफल नहीं रही जितनी यह वाली थी।

जोशुआ को उम्मीद है उसके नए चेहरे से लोगों को उम्मीद बंधेगी कि एक जीवन में कई चेहरे मिल सकते हैं। वो मिसाल बनना चाहते हैं कि अगर चेहरा या शरीर बिगड़ा है तो कभी न कभी जरूर सुधर सकता है।
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