सार
Viral Video: वीडियो में कई गाड़ियां बाघ का रास्ता रोकती नजर आ रही हैं, जिससे वह परेशान सा दिखाई देता है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन और सफारी नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रणथंबोर नेशनल पार्क में सफारी गाड़ियों से घिरा बाघ
- फोटो : Adobe stock/ @paragenetics
Ranthambore National Park Viral Video: राजस्थान के (सवाई माधोपुर) में स्थित रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वन्य क्षेत्रों में से एक है। यह एक मनमोहक प्राकृतिक स्थल है जो इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और विस्मयकारी वन्यजीवों को प्रदर्शित करता है। यह बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए दुनिया के सबसे अच्छे स्थानों में से भी एक है। हाल ही में सोशल मीडिया पर रणथंबोर नेशनल पार्क से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कई गाड़ियां बाघ का रास्ता रोकती नजर आ रही हैं। इस घटना से वह परेशान सा भी दिखाई देता है। वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन और सफारी नियमों के पालन को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि, बाघ को करीब से देखने के लिए कई पर्यटक और सफारी गाड़ियां उसके चारों तरफ खड़ी हैं। जिसकी वजह से उसका रास्ता रुक गया है। बाघ सतर्क और परेशान नजर आने के साथ-साथ अजीब सी आवाज भी निकाल रहा है, जो तनाव का संकेत माना जाता है। बता दें कि इस तरह की स्थिति को लोग 'सफारी जाम' कह रहे हैं जो नेशनल पार्क में अक्सर देखने को मिलता है।
रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान के इस वीडियो को सबसे पहले इंस्टाग्राम यूजर रतन भयाल ने शेयर किया था। जिसके बाद उत्तराखंड सरकार के वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीएम ढाकाटे ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया। जिसके कैप्शन में लिखा है, जब गाड़ियां बाघ का रास्ता रोक देती हैं, तो उसकी सामान्य गतिविधि प्रभावित होती है। इससे जानवर “लड़ो या भागो” जैसी तनाव वाली स्थिति में आ सकता है। ज्यादा भीड़ से बाघ के शरीर में तनाव बढ़ सकता है, जिससे वह आक्रामक भी हो सकता है।
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वीडियो देखने के बाद यूजर्स भड़क गए हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक शख्स ने लिखा- क्या सफारी नियमों का सही पालन हो रहा है। वहीं वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बाघों की बढ़ती संख्या को सुरक्षित रखना है, तो सख्त नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। वन्यजीवों से प्यार करना अच्छी बात है, लेकिन उनकी सुरक्षा और सम्मान सबसे पहले होना चाहिए। राष्ट्रीय उद्यान घूमने की जगह नहीं, बल्कि जानवरों का सुरक्षित घर हैं। इसलिए सफारी के दौरान दूरी बनाए रखना और शांति रखना बहुत जरूरी है। इससे पर्यटकों की सुरक्षा और जानवरों की भलाई दोनों बनी रहती है।