उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस बार प्लेन से कूदेंगे, जिंदा बचे तो वीडियो मिलेगा, नहीं तो लैंड हो जाएंगे ऊपर। विपिन ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के वक्त वो जो कुछ भी बोल रहे थे, वो कमेंट्री नहीं बल्कि उनकी अंतरात्मा की आवाज थी।
विपिन साहू ने कहा कि मैं अमर उजाला का शुक्रगुजार हूं कि वो मुझ तक आया और मेरा इंटरव्यू लिया और लोगों से रूबरू कराया।