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पाकिस्तान का वो खूंखार सीरियल किलर, जिसने कसम खाकर 100 बच्चों का बेरहमी से किया था कत्ल

Wed, 15 Jan 2020 02:52 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाकिस्तान का सबसे खूंखार सीरियल किलर - फोटो : Social media
आपने बहुत सारे सीरियल किलर के बारे में सुना होगा, जिन्होंने कई हत्याएं की होंगी, लेकिन पाकिस्तान का एक सीरियल किलर सबसे अलग और सबसे खूंखार था। खूंखार इसलिए क्योंकि उसने एक दो नहीं बल्कि 100 बच्चों का बेरहमी से कत्ल किया था। इन बच्चों की उम्र छह साल से लेकर 16 साल के बीच थी। इसमें सबसे हैरानी की बात ये थी कि उस सीरियल किलर ने 100 बच्चों को मारने की कसम खाई थी और उसने पूरे के पूरे 100 बच्चों के ही कत्ल किए, न एक भी ज्यादा और न एक भी कम और उसके बाद उसने सरेंडर भी कर दिया था।
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पाकिस्तान का सबसे खूंखार सीरियल किलर जावेद इकबाल - फोटो : Social media
इस सीरियल किलर का नाम था जावेद इकबाल। दिसंबर 1999 की बात है। लाहौर के एक उर्दू अखबार के संपादक को एक चिट्ठी मिलती है, जिसमें लिखा था, 'मेरा नाम जावेद इकबाल है और मैंने 100 बच्चों का कत्ल किया है और उनकी लाश को तेजाब डालकर गला दिया।' उसने चिट्ठी में ये भी बताया था कि उसने जितने भी बच्चों का कत्ल किया था, उसमें से अधिकतर घर से भागे हुए या अनाथ थे।
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जावेद इकबाल के घर से बरामद कंटेनर - फोटो : Social media
जावेद इकबाल ने अपनी चिट्ठी में वो जगह भी बताई थी, जहां उसने सारे कत्ल किए थे। उसने एक चिट्ठी लाहौर पुलिस को भी भेजी थी और अपना जुर्म कबूल किया था। हालांकि पुलिस ने उसकी चिट्टी को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन उस अखबार के संपादक ने इसको गंभीरता से लेते हुए वहां अपना एक पत्रकार भेजा। जब वो पत्रकार जावेद की बताई जगह पर पहुंचा तो वहां घर के अंदर खून के निशान मिले और दो बड़े बैग में बच्चों के जूते और कपड़े पड़े थे। साथ ही वहां एक डायरी भी थी, जिसमें बच्चों के नाम और उनके बारे में जानकारी लिखी हुई थी। वहीं घर के बाहर हाइड्रोक्लोरिक एसिड से भरे दो कंटेनर भी थे, जिसमें बच्चों की हड्डियों के ढांचे थे। ये सब देखने के बाद पत्रकार तुरंत अपने दफ्तर पहुंचा और संपादक को सारी बातें बताई। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। 

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रावी नदी, पाकिस्तान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
सूचना मिलने पर पुलिस की टीम जावेद इकबाल के उस ठिकाने पर पहुंची और कत्ल के सारे सबूत बरामद किए। इसके अलावा पुलिस को वहां से एक नोटबुक भी मिली, जिसमें चिट्ठी में लिखी सारी बातें लिखी हुई थीं और साथ ही यह भी लिखा हुआ था कि कत्ल के सबूत के तौर पर मैंने कुछ लाशों को छोड़ रखा है, जिन्हें मैं ठिकाने नहीं लगा पाया। उसने नोटबुक में लिखा था कि मैं रावी नदी में कूदकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। बस फिर क्या था, पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और रावी नदी का कोना-कोना छान मारा, लेकिन जावेद की लाश कहीं बरामद नहीं हुई। यह पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन था।   
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पाकिस्तान का सबसे खूंखार सीरियल किलर जावेद इकबाल - फोटो : Social media/Dawn File Photo
पुलिस ने मामले की छानबीन के दौरान जावेद के दो साथियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान ही इसमें से एक ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। उधर जावेद पहुंच गया उसी उर्दू अखबार के दफ्तर में, जहां उसने पहले चिट्ठी भेजी थी। वह संपादक से मिला और इंटरव्यू देने की बात कही और कहा कि वह सरेंडर करने आया है। जब उसका इंटरव्यू खत्म हुआ तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें उसने बच्चों का कत्ल करने की हैरान करने वाली वजह बताई। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Shutterstock
जावेद ने पुलिस को बताया कि जब उसकी उम्र 20 साल के करीब थी, तब उसके ऊपर दुष्कर्म का इल्जाम लगाकर उसे जेल भेज दिया गया, जबकि उसने ऐसा किया ही नहीं था बल्कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया था। इस दौरान उसकी मां हमेशा जेल में उससे मिलने आती थी, लेकिन बेटे की रिहाई के इंतजार में एक दिन उसकी मां की मौत हो गई, जिसके बाद उसने कसम खाई कि जैसे उसकी मां ने रोते-रोते अपनी जान गंवाई है, वैसे ही वो कम से 100 मांओं को रुलाएगा। इसके बाद उसकी हत्या करने का सिलसिला शुरू हुआ। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जावेद के मुताबिक, वो बच्चों को बहला-फुसलाकर या जबरदस्ती उन्हें लाहौर के शादबाग वाले अपने घर में लाता था, जो एक सूनसान इलाके में था। फिर वहां बच्चों से दुष्कर्म करता था और उन्हें लोहे की एक जंजीर के सहारे गला घोंट कर मार देता था। इसके बाद वो लाश को छोटे छोटे टुकड़ों में काटता और उन टुकड़ों को एसिड में डुबो कर पूरी तरह गला देता। उसके बाद भी अगर कोई टुकड़ा बच जाता, तो उसे ले जाकर नदी में फेंक देता था। जावेद ने जब पुलिस को सारे बयान दे दिए और अपना जुर्म कबूल कर लिया तो उसे 16 मार्च, 2000 को अदालत में पेश किया गया। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
कहते हैं कि उस समय अदालत के जज थे अल्लाह बख्श और उन्होंने जावेद इकबाल के बेहद खौफनाक जुर्म के लिए हैरान करने वाली सजा सुनाई। उन्होंने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जिस तरह जावेद इकबाल ने बेरहमी से 100 बच्चों का कत्ल किया, ठीक उसी तरह पहले उसका 100 बार गला घोंटा जाए। फिर उसकी लाश को 100 टुकड़ों में काटा जाए और उन टुकड़ों को एसिड से गला दिया जाए। हालांकि बाद में दुनियाभर के देशों को जब इस कठोर फैसले के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया, जिसके बाद फैसले को पलट दिया गया और फैसला किया गया कि जावेद इकबाल को फांसी पर लटकाया जाएगा।  
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पाकिस्तान का सबसे खूंखार सीरियल किलर जावेद इकबाल - फोटो : Social media
हालांकि फांसी से पहले ही आठ अक्तूबर, 2001 की सुबह कोट लखपत जेल में जावेद और उसके एक साथी की लाश मिली। उनकी लाशें छत में लगी सरिया के सहारे लटक रही थीं। उनके हाथ-पैर नीले पड़ गए थे। कहा जाता है कि जेल में ही उन दोनों का खून किया गया था। पहले उन्हें जहर दिया गया था और फिर उन्हें बेडशीट के सहारे सरिया से लटका दिया गया था। हालांकि जेल अधिकारियों ने इसको खुदकुशी माना था। कहा जाता है कि इस मामले में कई जेल कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था। 
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