तालिबान में ट्रैफिक नियमों की स्थिति है ढीली
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सड़क पर कार चलाने के लिए ड्राइविंग सीखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही तरीके से टेस्ट पास करना भी है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने ड्राइविंग लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। वीडियो में कुछ ऐसा नजर आता है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल है। उम्मीदवार के सामने न कार है और न ही कोई ड्राइविंग ट्रैक, फिर भी उसका टेस्ट पूरा हो जाता है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
हाथ-पैर हवा में चलाकर देते हैं टेस्ट
वीडियो में एक कमरे के भीतर कुछ अधिकारी बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके सामने एक उम्मीदवार कुर्सी पर बैठा है। इसके बाद अधिकारी उसे कार चलाने से जुड़े निर्देश देते हैं। वह कहते हैं- एक्सीलेटर दबाओ, ब्रेक लगाओ और गियर बदलो। अधिकारी के निर्देश मिलते ही उम्मीदवार भी कुर्सी पर बैठे-बैठे हाथ-पैर हवा में चलाने लगता है, जैसे वह सचमुच कार चला रहा हो।
अधिकारी तुरंत ही कर देता है पास
सबसे दिलचस्प बात इसके बाद होती है। उम्मीदवार की इस 'ड्राइविंग' को देखने के कुछ ही सेकंड बाद अधिकारी उसे पास कर देते हैं। वीडियो में अधिकारी को कहते सुना जा सकता है, 'माशाल्लाह, आप पास हो गए।' यानी बिना असली कार चलाए ही ड्राइविंग टेस्ट पूरा और उम्मीदवार पास।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शंस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। किसी ने पूछा कि यह ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट है या फिर कोई ड्रामा। कुछ पुराने वीडियो भी चर्चा में हैं, जिनमें लोग बिना कार के मुंह से इंजन की आवाज निकालते और आंखें बंद करके ड्राइविंग करने की एक्टिंग करते दिखाई देते हैं।
तालिबान में ट्रैफिक नियमों की स्थिति है ढीली
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान के कई इलाकों में ट्रैफिक नियमों को लेकर स्थिति काफी ढीली हुई है। आरोप हैं कि कुछ जगहों पर बिना प्रैक्टिकल परीक्षा के या रिश्वत के जरिए आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाते हैं।
महिलाओं के लिए सख्त है नियम, बगैर किसी पुरुष के नहीं कर सकती हैं यात्रा
इस पूरे मामले में महिलाओं को लेकर तस्वीर और भी अलग नजर आती है। जहां पुरुषों के बिना कार चलाए टेस्ट पास करने का वीडियो सामने आया है। वहीं तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगान महिलाओं के लिए ड्राइविंग पर लगभग पूरी तरह रोक लग चुकी है। इसके अलावा महिलाएं बिना किसी पुरुष या रिश्तेदार के अकेले सफर भी नहीं कर सकतीं।