आज के दौर में बिजनेस शुरू करने के लिए लोग अक्सर बड़ी पूंजी और अच्छी लोकेशन की तलाश करते हैं। कई लोगों को लगता है कि बिना पैसों और किसी बड़े सहारे के कारोबार में सफलता पाना मुश्किल है। लेकिन कुछ लोग अपनी मेहनत से इस सोच को गलत साबित कर देते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे ही चाय कारोबारी की चर्चा हो रही है, जो रोजाना करीब 3 हजार कप चाय बेचता है। महज 10 रुपये प्रति कप के हिसाब से उसकी दुकान पर हर दिन 25 से 30 हजार रुपये तक की बिक्री होती है। इस तरह महीने का टर्नओवर 7.5 लाख से 9 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। खास बात यह है कि करीब 55 साल पुराने पारिवारिक कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ उन्होंने 30 से 35 लोगों को रोजगार भी दिया है।
55 साल पुराने कारोबार को दे रहे नई पहचान
इस चाय कारोबारी का नाम शर्मा कैफे रेस्टोरेंट से जुड़ा है। करीब 55 साल पहले शुरू हुए इस पारिवारिक कारोबार को अब इसकी अगली पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। कारोबारी का मानना है कि किसी भी काम में बड़ा बनने के लिए शुरुआत से ही बड़ा होना जरूरी नहीं है। अगर इंसान में मेहनत करने का जज्बा है, तो वह छोटे स्तर से शुरुआत करके भी अपनी अलग पहचान बना सकता है। उनकी दुकान पर रोजाना हजारों लोग चाय पीने पहुंचते हैं। 10 रुपये की एक कप चाय की कीमत होने के बावजूद बड़ी संख्या में होने वाली बिक्री इस कारोबार को खास बनाती है।
रोज की कमाई 30 हजार, लेकिन पूरा पैसा मुनाफा नहीं
दुकान पर होने वाली कमाई का हिसाब भी काफी दिलचस्प है। कारोबारी के मुताबिक, यहां हर दिन करीब 3 हजार कप चाय बिक जाती हैं। एक कप की कीमत 10 रुपये है। इस हिसाब से रोजाना 30 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। हालांकि, कुछ दिनों में यह आंकड़ा 25 हजार रुपये के आसपास भी रहता है। महीने के हिसाब से देखें तो कुल बिक्री 7.5 लाख से 9 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
परिवार की चलती है रोजी-रोटी
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इतनी रकम सीधे मालिक की जेब में जाती है। चाय बनाने के लिए दूध, चीनी और चायपत्ती खरीदने से लेकर दुकान का किराया, बिजली का बिल और कर्मचारियों की सैलरी तक कई खर्चे होते हैं। दुकान पर करीब 30 से 35 लोग काम करते हैं। ऐसे में यह कारोबार सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि कई परिवारों की रोजी-रोटी भी बना हुआ है।
नए कारोबारियों को दी छोटी शुरुआत करने की सलाह
नए स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को भी इस कारोबारी ने एक जरूरी सलाह दी है। उनका कहना है कि शुरुआत में बहुत बड़ा जोखिम लेने के बजाय छोटे स्तर पर काम शुरू करना चाहिए। इससे अगर नुकसान भी होता है, तो उससे सीखने का मौका मिलता है। कारोबार में मिलने वाला अनुभव ही आगे के फैसले लेने में मदद करता है। उनका मानना है कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।