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दुनिया में तेजी से फैल रहा ये रहस्यमयी फंगस, दवाइयां बेअसर और समय के साथ होता जा रहा है ताकतवर

Wed, 10 Apr 2019 05:15 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : thisisinsider.com
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एक ओर जहां मेडिकल और दवाइयों की दुनिया अडवांस होती जा रही है तो वहीं दूसरी ओर कैंडिडा ऑरिस नाम के फंगस ने खुद को ऐसे डिवेलप कर लिया कि वह इंसानों के लिए जानलेवा बन चुका है। यह फंगस ब्लडस्ट्रीम में पहुंचने पर शरीर में खतरनाक इन्फेक्शन पैदा करता है। डरावनी बात यह है कि फिलहाल इसका कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, दुनिया में जानलेवा कैंडिडा ऑरिस फंगस तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कैंडिडा ऑरिस फंगस ब्लडस्ट्रीम में पहुंचने पर शरीर में खतरनाक इंफेक्शन पैदा करता है। यह खतरे की घंटी इसलिए है क्योंकि इससे प्रभावित करीब आधे मरीजों को बचाया नहीं जा सकता है, साथ ही इस पर किसी दवाई का असर होता नहीं दिख रहा है। 90 दिनों में पीड़ित की मौत हो जाती है साथ ही भारत में भी इस जानलेवा फंगस ने दस्तक दे दी है। 

कैंडिडा ऑरिस दुनियाभर के अस्पताल में चुपचाप फैलता जा रहा है, लेकिन सरकारें मरीजों और लोगों को जबरदस्ती डराने की बात कहते हुए इसे लेकर जानकारी प्रचारित करने के लिए तैयार नहीं हैं। यूएस में कैंडिडा ऑरिस के करीब 587 मामले सामने आ चुके हैं।
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इलाज करने वालों को भी डर
कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित मरीजों का इलाज करने वालों को भी अपनी सुरक्षा का डर रहता है। न्यूयॉर्क के एक मेडिकल सेंटर में काम करने वाले डॉक्टर मैथ्यु मैककार्थी ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में जब प्रभावित 30 वर्षीय मरीज का इलाज किया तो उन्हें डर का एहसास हुआ। इससे भी खतरनाक बात यह है कि इससे पीड़ित व्यक्ति की भले ही मौत हो जाए, लेकिन फंगस जिंदा रहता है और दूसरों के शरीर में आसानी से प्रवेश कर उन्हें भी मरीज बना सकता है।

इम्यून सिस्टम कमजोर लोग रखें अपना खास ख्याल

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंडिडा ऑरिस नाम का यह फंगस उन लोगों को अपनी चपेट में लेता है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। यह पूरी दुनिया में चुपचाप फैलता जा रहा है। पिछले पांच सालों में यह वेनेजुएला के नवजात शिशु संबंधी यूनिट और स्पेन के एक अस्पताल में फैल चुका है। फंगस के कारण एक ब्रिटिश मेडिकल सेंटर को अपनी इन्टेन्सिव केयर यूनिट तक बंद कर देनी पड़ी थी। वहीं इस फंगस ने भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रिका में भी पैर जमाना शुरू कर दिए हैं। हाल ही में कैंडिडा ऑरिस न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और इलिनॉय में पहुंचा जिसके बाद रोग नियंत्रण और रोकथाम के संघीय केंद्र ने इसे ऐसे जीवाणुओं की लिस्ट में डाल दिया जिनसे इंसानों को आज के समय में बड़ा खतरा है। 

कैंडिडा ऑरिस फंगस के लक्षण 
बुखार, दर्द और कमजोरी के लक्षण यूं तो आम लगते हैं लेकिन अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर है और उसे यह फंगस अपनी चपेट में ले ले तो यह साधारण चीजें भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। 

90 दिन में मरीज की मौत 

यह फंगस अस्पताल में मौजूद लोगों के हाथों और उपकरणों, बोट के जरिए ले जाए जाने वाले मीट, खाद से उपजाई गई सब्जियों, सीमा के पार यात्रा कर रहे यात्रियों और अन्य चीजों के आयात-निर्यात व प्रभावित मरीज के जरिए घर और अस्पताल में आने-जाने से आसानी से सभी जगह फैल जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक कैंडिडा ऑरिस से पीड़ित करीब आधे मरीजों की 90 दिनों में मौत हो गई। बावजूद इसके अभी तक दुनिया में मौजूद विशेषज्ञ इसका पता नहीं लगा सके हैं कि यह फंगस आया कहां से है।

मौत के बाद भी नहीं मरा ये फंगस

माउंट सिनाई हॉस्पिटल में भर्ती कैंडिडा ऑरिस से पीड़ित बुजुर्ग की 90 दिन बाद मौत हो गई। टेस्ट से पता चला कि उन्हें जिस कमरे में रखा गया था, वहां की हर चीज पर कैंडिडा ऑरिस मौजूद था। इसके बाद अस्पताल को रूम की सफाई के लिए स्पेशल क्लीनिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्हें फंगस को खत्म करने के लिए सीलिंग से लेकर फ्लोर की टाइल्स तक उखाड़नी पड़ी। फंगस इतना खतरनाक है कि ऐंटीफंगल मेडिकेशन का भी असर नहीं होता है। इस वजह से ये स्वास्थ्य के लिए खतरा बने, उन इन्फेक्शन्स का एक नया उदाहरण बन गया है, जो दवा प्रतिरोधी हैं। आसान शब्दों में कहें तो बैक्टीरिया की तरह अब फंगस भी मॉर्डन मेडिसिन के प्रति डिफेंस विकसित कर रहा है।
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इन्फेक्शन के बारे में कम जानकारी 

यह समस्या भले ही बढ़ती जा रही हो लेकिन इसके बारे में लोगों को कम ही पता है और इसकी बड़ी वजह यह है कि इसे गोपनीय बनाकर रखा जा रहा है। बैक्टीरिया और फंगस के बारे में अस्पताल और स्थानीय सरकार इसलिए बताने से बच रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि आउटब्रेक के बारे में जानकारी देने पर उन्हें इन्फेक्शन का केंद्र माना जाने लगेगा। यहां तक कि सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल भी राज्यों के साथ उनके अनुबंध के कारण प्रभावित अस्पताल या उसकी लोकेशन के बारे में खुलासा नहीं कर सकते हैं। कई बार राज्य सरकारों ने यह तो माना कि उनके पास ऐसे मामले आए लेकिन इसके अलावा उन्होंने और कोई जानकारी साझा नहीं की। 

खतरनाक कैंडिडा ऑरिस फंगस पर बना रहस्य बरकरार है। फिलहाल यह कहां से आया इससे ज्यादा इसे फैलने से कैसे रोका जाए इस पर ध्यान दिए जाने की ज्यादा जरूरत है। इसके फैलने से रोकने और ट्रीटमेंट को लेकर रिसर्च शुरू की जा चुकी है। 

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