खबर के मुताबिक, करीब 50 महिलाओं के एक मुकदमा शुरू किया गया। इन महिलाओं पर आरोप था कि उन्होंने इस यूरोपीय देश के एक गांव में रहने वाले ज्यादातर पुरुषों को जहर देकर हत्या कर दी थी।
खबर के मुताबिक, नाग्यरेव नाम के गांव में कई महिलाओं ने 50 से ज्यादा पुरुषों को जहर देकर मार दिया था। यह इलाका हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से करीब 130 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है। साल 1911 से 1929 के बीच यह हत्याएं की गई थीं। महिलाएं पुरषों को खाने में आर्सेनिक मिलाकर मारती थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि उन्होंने 100 से ज्यादा, तो कुछ में 300 से ज्यादा मर्दों की जहर देकर हत्या की थी।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन सामूहिक हत्या की मुख्य अभियुक्त एक महिला जोजसाना फाजकास को ठहराया गया था। जोजसाना फाजकास इस गांव की दाई थी। इस गांव में कोई कोई स्थानीय डॉक्टर नहीं था, तो दाई ही लोगों को दवा वगैहरा देती थीं।
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जोजसाना फाजकास से गांव की महिलाएं खुलकर बात करती थीं। उसने महिलाओं से कहा कि अगर उन्हें पतियों या मर्दों के साथ कोई दिक्कत है, तो वह हल बता सकती है। मुकदमे के दस्तावेजों के मुताबिक, गांव की महिलाओं ने मर्दों पर दुर्व्यवहार, रेप और हिंसा की दर्दनाक कहानियां बताई थीं। इसके बाद दाई ने महिलाओं को आसान उपाय बताया और कहा कि जो पति ऐसा करें, उन्हें खान में जहर देकर मार दें।
जोजसाना फाजकास दाई और केमकल वाली दवाइयों के बारे में जानकारी की वजह से प्रसिद्ध थीं। इस गांव में न पादरी थी और न डाॅक्टर इसलिए लोगों ने इन पर भरोसा जताया। उन्होंने गांव गर्भपात करने शुरू कर दिए, जिसके कारण उन पर मुकदमे हुए, लेकिन उन्हें कभी सजा नहीं हुई।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस दौर में कम उम्र में लड़कियों की शादी कर दी जाती थी। उस समय तलाक लेने मुश्किल था, इसलिए उन्होंने यह रास्ता अपनाया। जब 1929 में पुलिस को यह पता चला, तो कब्रों से लाशें निकाली गईं और जांच में पता चला कि इन्हें आर्सेनिक देकर मारा गया है। जब पुलिस उसे पकड़ने गई, तो उसने जहर पी लिया और वह भी मर गई।