मिचेल लोटिटो
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोटिटो जब भी केले, उबले हुए अंडे या ब्रेड जैसी सामान्य चीजें खाते थे, तो उन्हें पचा नहीं पाते थे, लेकिन किसी धातु की चीज को वो खा लेते तो आसानी से उसे पचा लेते थे। जहां दुनियाभर के लोगों को उनकी यह बीमारी अजीबोगरीब लगी, वहीं लोटिटो को ऐसा करना अच्छा लगने लगा था। इसलिए 1966 में उन्होंने इसका प्रदर्शन करना भी शुरू कर दिया था। कहते हैं कि बड़ी संख्या में लोग उनके इस करतब को देखने के लिए टिकट लेकर आते थे।