हेलमेट को लेकर भारत में जितनी बातें होती हैं, उतनी शायद किसी और चीज़ की नहीं होतीं। कानून कहता है कि दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट पहनना जरूरी है। लेकिन बहुत से लोग इसे सिर्फ चालान से बचने का हथियार मानते हैं। सुरक्षा से नहीं जोड़ते। यही वजह है कि जब असली, मजबूत हेलमेट खरीदने की बात आती है तो कई लोग 100-150 रुपये का सस्ता कामचलाऊ हेलमेट लेकर काम चला लेते हैं। कुछ तो उससे भी आगे निकल जाते हैं। चालान से बचने के लिए सिर पर क्रिकेट हेलमेट, कैप या किसी बर्तन जैसी चीज रख लेते हैं, बस पुलिस ना रोके। तो आइए ऐसी ही एक घटना के बारे में जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है जिसे देखकर लोग हंस भी रहे हैं और सोच भी रहे हैं कि हमारी समझदारी आखिर जा कहां रही है। इस वीडियो में एक शख्स बाइक पर पीछे बैठा हुआ है और उसके सिर पर असली हेलमेट नहीं, बल्कि एक बड़ी कढ़ाही रखी हुई है। वही जो रसोई में सब्जी या फ्राइंग के काम आती है।
पुलिसवाले भी मुस्कुरा दिए
वीडियो सिर्फ 15 सेकंड का है, लेकिन इतना वायरल हो चुका है कि खबर लिखे जाने तक इसे 3.6 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और करीब दो हजार लोगों ने लाइक किया है। लोगों ने इस ‘जुगाड़ू हेलमेट’ वाले शख्स को खूब ट्रोल भी किया और कुछ ने मजे लेते हुए कहा, “भाई, चालान से बचने का सस्ता तरीका मिल गया। वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया, “पीक बेंगलुरु मोमेंट। एक शख्स ट्रैफिक चालान से बचने के लिए हेलमेट की जगह सिर पर फ्राइंग पैन पहनकर जा रहा था। पुलिस वाले भी मुस्कुरा दिए क्योंकि वो इतने कॉन्फिडेंस से पैन को हेलमेट की तरह पहन रहा था जैसे कोई फैशन शो हो रहा हो।”
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी दो हिस्सों में बंटी हुई हैं। कुछ ने मजे लेते हुए लिखा, “जब जिंदगी चालान दे तो कढ़ाही पहन लो।” वहीं कई लोगों ने गंभीरता से कहा कि लोग बाल बिगड़ने या पैसे बचाने के लिए असली हेलमेट नहीं पहनते, लेकिन सिर फूटने के डर से नहीं डरते। एक यूजर ने लिखा, “कंस्ट्रक्शन साइट, खेल और रोड सेफ्टी के हेलमेट तीनों अलग होते हैं, लोग फर्क ही नहीं समझते।” असल में ये वीडियो हमें हंसाता जरूर है, लेकिन सोचने पर मजबूर भी करता है। बेंगलुरु हो या कोई और शहर, ट्रैफिक जाम से तो शायद कोई नहीं बच सकता, लेकिन अगर असली हेलमेट पहन लिया जाए तो हादसे से जरूर बचा जा सकता है।