सार
Viral Video: वीडियो में एक सुपरवाइजर LPG गैस की कमी से जूझ रहे मजदूरों को दही-चूड़ा खाने और नवरात्रि में व्रत रखने की सलाह देता दिख रहा है। बता दें कि सुपरवाइजर के इस बयान को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है, क्योंकि इसे मजदूरों की गंभीर समस्या का मजाक माना जा रहा है।
LPG गैस की कमी के चलते मजदूरों को सुपरवाइजर ने दी ऐसी सलाह
- फोटो : @annu_1AD
Viral Video: अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच भयानक युद्ध के चलते दुनिया के कई देश रसोई गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं। जिसे लेकर भारत में भी आम जनता बेहद परेशान है। पूरे देश में गैस सिलिंडर को लेकर मची अफरातफरी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों को नाराज कर दिया है। वीडियो में एक सुपरवाइजर LPG गैस की कमी से जूझ रहे मजदूरों को दही-चूड़ा खाने और नवरात्रि में व्रत रखने की सलाह देता दिख रहा है। बता दें कि सुपरवाइजर के इस बयान को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है, क्योंकि इसे मजदूरों की गंभीर समस्या का मजाक माना जा रहा है।
वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कई मजदूर लाइन में खड़े हैं और उनका सुपरवाइजर उनसे बात कर रहा है। वह पूछता है कि क्या सभी को गैस की समस्या हो रही है, जिस पर मजदूर हां कहते हैं। इसके बाद वह कहता है कि अगर इमरजेंसी में गैस न मिले, तो लोग दही-चूड़ा खा सकते हैं। वह यह भी कहता है कि नवरात्रि चल रही है, इसलिए फल खाने की कोशिश करें। हालांकि, वह यह भी कहता है कि यह कोई स्थायी हल नहीं है और जल्द ही गैस की व्यवस्था कर दी जाएगी।
वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स @annu_1AD पर शेयर किया गया है, जो अब देश में गैस सिलेंडर को लेकर मची अफरातफरी के बीच जमकर वायरल हो रहा है। जिसके कैप्शन में लिखा है, गैस नहीं मिल रहा है तो दही चुड़ा खाओ, आखिर इंसान किस-किस हालत का सामना करें।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर यूजर्स की जमकर प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में एक यूजर ने लिखा- अरे, दही चूड़ा क्यों ? नवरात्रे चल रहें हैं, नौ दिन के व्रत रखिए, गैस भी बचेगी, स्वास्थ्य भी सही रहेगा और माता रानी भी खुश होगी। दूसरे यूजर ने लिखा- मजदूरों की परेशानी को हल्के में लिया जा रहा है, उनका मानना है कि जब कोई पहले से मुश्किल में हो तो इस तरह की सलाह देना ठीक नहीं है। तो वहीं कई लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी भी जताई है कि, गंभीर समस्याओं का समाधान मजाक या आसान सलाह से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से होना चाहिए।