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Viral: अकेलेपन में मिलता है प्यार, पर गर्मियां आते-आते टूट जाते हैं 90% रिश्ते, आखिर क्या है कफिंग सीजन?

Tue, 09 Dec 2025 01:22 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral: इस ट्रेंड की वजह मौसम बदलना माना जाता है। ठंड में धूप कम होती है, दिन छोटे हो जाते हैं और लोग जल्दी घर लौटकर ज्यादा समय घर पर बिताते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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कफिंग सीजन एक ऐसा ट्रेंड है, जिसके बारे में आपने सोशल मीडिया पर अक्सर सुना होगा। ये कोई आधिकारिक शब्द नहीं है, लेकिन इसकी चर्चा हर साल पतझड़ से लेकर कड़ाके की सर्दियों तक खूब होती है। असल में कफिंग सीजन उन रोमांटिक रिश्तों को कहा जाता है, जो खासतौर पर ठंड के मौसम में शुरू होते हैं और कई बार बस उसी मौसम तक टिकते हैं। जैसे ही सर्दियां आती हैं, लोग घरों में ज्यादा समय बिताने लगते हैं। बाहर घूमना-फिरना कम हो जाता है और मन को किसी का साथ चाहिए होता है। ऐसे समय में लोगों में किसी के करीब आने, भावनात्मक रूप से जुड़ने और रोमांटिक रिश्ते तलाशने की इच्छा बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में नए रिश्तों की शुरुआत तेजी से होती है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

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क्या होता है कफिंग सीजन?
इस ट्रेंड की खास वजह मौसम के बदलाव से जुड़ी मानी जाती है। ठंड के दिनों में धूप कम निकलती है और दिन भी छोटे हो जाते हैं। लोग ऑफिस से जल्दी लौट आते हैं और ज्यादातर समय घर पर ही रहते हैं। ऐसे में उनका ध्यान खुद पर और अपनी भावनाओं पर ज्यादा जाता है। इस दौरान अकेलापन भी ज्यादा महसूस होता है। इसलिए कई लोग किसी ऐसे पार्टनर की तलाश करते हैं जिसके साथ वे समय बिता सकें। बातें कर सकें और भावनात्मक तौर पर थोड़ा हल्का महसूस कर सकें। सर्दी का मौसम वैसे भी थोड़ा रोमांटिक माना जाता है तो ऐसे में रिश्ते बनना जैसे और आसान लगने लगता है।

रिश्ते में बनता है सामाजिक दबाव
इसके अलावा, इस समय त्योहारों, छुट्टियों और शादियों का सीजन भी होता है। ऐसे मौकों पर लोग परिवार और जोड़ों को साथ देखते हैं, जिससे उन पर भी एक तरह का सामाजिक दबाव बनता है कि उनके साथ भी कोई खास इंसान होना चाहिए। यही माहौल लोगों को जल्दबाजी में रिश्ते बनाने के लिए प्रेरित कर देता है, भले ही उन्होंने उस व्यक्ति को ज्यादा समय तक जाना न हो या रिश्ता बहुत सोच-समझ कर शुरू न किया गया हो।
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ये है कफिंग सीजन में बनने वाले रिश्तों का सच
हालांकि कफिंग सीजन में बनने वाले रिश्तों का एक बड़ा सच ये है कि इनमें से कई रिश्ते ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलते। क्योंकि इनकी शुरुआत मौसम और भावनात्मक जरूरतों से होती है, न कि गहराई से सोच-विचार करके। जब मौसम बदलता है और गर्मियां आती हैं तो कई बार लोगों की जरूरतें और प्राथमिकताएं भी बदल जाती हैं। ऐसे में इन रिश्तों का खत्म हो जाना आम बात है। कई कपल्स सर्दियों में तो बहुत करीब दिखते हैं, लेकिन मौसम बदलने पर रिश्ता फीका पड़ने लगता है।

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