महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में हुई एक घटना इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। वायरल वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति किले के अंदर कथित तौर पर धूम्रपान कर रहे दिल्ली के कुछ पर्यटकों से सवाल-जवाब करता दिखाई देता है। यह किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआई ने संरक्षित विरासत स्थलों में शामिल है, जहां तंबाकू उत्पाद, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन या उन्हें अपने पास रखना प्रतिबंधित है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो में स्थानीय व्यक्ति पर्यटकों से पूछता है, "आपको यहां धूम्रपान करने के लिए किसने कहा?" उसका कहना था कि ऐतिहासिक धरोहर के भीतर इस तरह का व्यवहार नियमों के खिलाफ है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @kisora_pat7606 नाम के हैंडल से साझा किया गया है। वीडियो में पर्यटक अपनी सफाई देते हुए कहते हैं कि उन्हें इस तरह के किसी नियम की जानकारी नहीं थी। उनका दावा था कि वहां उन्हें ऐसा कोई बोर्ड भी नहीं दिखा, जिस पर धूम्रपान प्रतिबंधित होने की जानकारी लिखी हो।
स्थानीय लोगों ने समझाया
इस पर स्थानीय व्यक्ति उन्हें समझाते हुए कहता है कि हर बात के लिए बोर्ड होना जरूरी नहीं है। वह उनसे कहता है, "थोड़ी समझदारी दिखानी चाहिए। क्या आप किसी मंदिर के अंदर धूम्रपान करेंगे? यह किला हमारे लिए मंदिर जैसा है।" वीडियो में पर्यटक बार-बार यही कहते सुनाई देते हैं कि उन्होंने जानबूझकर कोई नियम नहीं तोड़ा। एक पर्यटक स्थानीय व्यक्ति से आवाज ऊंची न करने की बात कहता है, जबकि दूसरा दोहराता है कि उन्हें प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी।
लोगों ने पास ले लिया पैकेट
वीडियो के अंत में स्थानीय व्यक्ति पर्यटकों का सिगरेट का पैकेट अपने पास ले लेता है, ताकि वे किले के अंदर धूम्रपान न कर सकें। साथ ही वह उन्हें चेतावनी देता है कि अगर दोबारा ऐसा करते हुए पाए गए, तो वह पुलिस में शिकायत करेगा। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो हिस्सों में बंट गई हैं। कई यूजर्स ने ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए स्थानीय व्यक्ति की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, "बिल्कुल सही किया। ऐतिहासिक स्थलों का सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है।"
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
एक और यूजर ने कहा, "इन जगहों की रक्षा के लिए लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का सम्मान करना किसी को सिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।" वहीं कुछ लोगों ने स्थानीय व्यक्ति के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "अगर किसी को नियम नहीं पता था तो उसे विनम्रता से समझाना चाहिए था। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की क्या जरूरत थी?"