लोको पायलट ने दादा-दादी के रोकी ट्रेन
- फोटो : इंस्टाग्राम @jhakaasology
सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी वीडियोज भी वायरल हो जाते हैं, जो हमारे दिल को छू जाती हैं। रेलवे ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन को समय पर पहुंचाना लोको पायलट और उसके स्टाफ की जिम्मेदारी होती है। आमतौर पर सख्त समय के चलते ट्रेनें प्लेटफॉर्म से तय समय पर ही रवाना होती हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक घटना ने यह दिखा दिया कि कभी-कभी वक्त से बड़ी होती है इंसानियत। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए वीडियो के बारे में जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया वायरल इस वीडियो में एक बुजुर्ग दंपती ट्रेन छूटने की आशंका से मायूस होकर प्लेटफॉर्म पर खड़े दिखाई देते हैं। वे उस उम्र में हैं, जब तेजी से चलती ट्रेन तक दौड़कर पहुंच पाना लगभग असंभव होता है। तभी इंजन में मौजूद लोको पायलट उनकी स्थिति को समझते हुए ट्रेन को रोक देता है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही बुजुर्ग अंकल हाथ से इशारा करते हैं, ट्रेन के इंजन में एक स्टाफ मेंबर तुरंत एक्शन में आता है और केबिन के भीतर जाकर ट्रेन को रोकने का बटन दबा देता है। कुछ ही सेकंड में ट्रेन धीमी होकर रुक जाती है और दंपती उसमें चढ़ जाते हैं।
लोगों ने दीं ऐसी प्रतिक्रियाएं
करीब 24 सेकंड की इस क्लिप को Instagram अकाउंट @jhakaasology पर 6 मई को पोस्ट किया गया था। अब तक इस वीडियो को 25 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और 3.21 लाख से अधिक यूजर्स ने इसे लाइक किया है। वहीं, 3,500 से ज्यादा लोगों ने कमेंट्स कर इस दिल छू लेने वाले लम्हे की तारीफ की है। किसी ने इसे दिन बना देने वाला वीडियो कहा है। तो किसी ने लिखा, "ऐसे लोग ही समाज में बदलाव लाते हैं।"
लोको पायलट ने दिखाई सूझबूझ
बता दें कि रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेन को बिना जरूरत चेन खींचकर रोकना दंडनीय अपराध है। चेन पुलिंग की अनुमति केवल कुछ विशेष स्थितियों में ही दी जाती है। जैसे, अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने के कारण पीछे रह जाए या फिर ट्रेन में आग लग जाए या बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति को चढ़ने में कठिनाई हो,कोई गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल हो या ट्रेन में लूटपाट जैसी घटना घटे। गौर करने वाली बात यह है कि इस वायरल वीडियो में ट्रेन को रोका जरूर गया, लेकिन किसी ने चेन नहीं खींची। ट्रेन को लोको पायलट और उसके स्टाफ ने अपनी सूझबूझ से रोका।