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नन्ही उंगलियों का कमाल, 2 साल की बच्ची ने तबले पर बजाईं 12 ताल, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

Wed, 28 Oct 2026 11:03 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Video: कर्नाटक की महज दो साल 10 महीने की स्वरश्री हेगड़े ने तबले पर 12 अलग-अलग ताल उनके बोलों के साथ सुनाकर खास उपलब्धि हासिल की है। उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सबसे कम उम्र की तबला वादक के तौर पर दर्ज हुआ है। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग उनकी प्रतिभा की तारीफ कर रहे हैं।
 
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घर में ही मिला संगीत का माहौल - फोटो : एक्स@adarshahgd
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विस्तार
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कर्नाटक की एक नन्ही बच्ची ने अपने हुनर से हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस उम्र में बच्चे ठीक से बोलना और चलना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में स्वरश्री हेगड़े तबले पर एक-दो नहीं, बल्कि 12 अलग-अलग ताल बजा रही हैं। इतना ही नहीं, वह इन तालों के बोल भी सुनाती हैं। महज दो साल 10 महीने की उम्र में इस खास उपलब्धि के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। अब सोशल मीडिया पर उनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
स्वरश्री कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नावर तालुक की रहने वाली हैं। उनके तबला बजाने का वीडियो एक्स पर शेयर किया गया है। वीडियो में नन्ही बच्ची आराम से बैठकर तबला बजाती और उसके बोल सुनाती नजर आती हैं। उनकी उम्र के हिसाब से यह हुनर लोगों को काफी हैरान कर रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोग बच्ची की तारीफ कर रहे हैं। कुछ लोग इसे उत्तर कन्नड़ जिले के लिए गर्व की बात बता रहे हैं, तो कुछ उनकी प्रतिभा को मां सरस्वती का आशीर्वाद कह रहे हैं।

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 घर में ही मिला संगीत का माहौल
स्वरश्री के परिवार का संगीत से गहरा नाता है। उनके पिता गुरुराज हेगड़े तबला वादक और संगीत शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां श्रीलता अंग्रेजी की प्रोफेसर होने के साथ हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका भी हैं। परिवार होन्नावर में एक संगीत विद्यालय भी चलाता है। ऐसे में स्वरश्री को बचपन से ही संगीत सीखने और सुनने का मौका मिला। परिवार के मुताबिक, स्वरश्री ने महज एक साल की उम्र से तबले में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी थी। वह अक्सर तबले पर हाथ रखती थीं और कभी-कभी उसी पर सो भी जाती थीं। बेटी की दिलचस्पी देखकर माता-पिता ने उसके लिए खास तौर पर दो छोटे तबले बनवाए।

पिता को सिखाते देख सीखने लगीं ताल
जब गुरुराज अपने छात्रों को तबला सिखाते थे, तब स्वरश्री भी उनके पास बैठती थीं। इसी दौरान उन्होंने 12 अलग-अलग ताल और उनके बोल सीखने शुरू किए। धीरे-धीरे उनकी पकड़ मजबूत होती गई। इतनी छोटी उम्र में तालों को याद रखना, उनके बोल सही तरीके से सुनाना और तबले पर बजाना उनकी खास प्रतिभा को दिखाता है।

रिकॉर्ड बनने पर परिवार को गर्व
स्वरश्री की इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद खुश है। उनकी मां श्रीलता के मुताबिक, बेटी ने तालों के बोल सुनाकर और उन्हें तबले पर बजाकर जो उपलब्धि हासिल की है, उस पर पूरा परिवार गर्व महसूस करता है। अब सोशल मीडिया पर भी लोग बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इतनी छोटी उम्र में स्वरश्री ने जो शुरुआत की है, उसने संगीत की दुनिया में उनकी प्रतिभा को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
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