अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े रहे हैं। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर मिशन के दो अंतरिक्ष यात्री कब वापस लौटेंगे। टेस्टिंग और तकनीकी मुद्दों के कारण पहले से ही देरी हुई है। नासा ने पहले अंतरिक्ष यान की वापसी 26 जून को तय की थी।
कब लौटेंगे अंतरिक्ष यात्री?
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जाने के लिए पांच जून को उड़ान भरी थी। साल 2019 के बाद से नासा ने इसे दो बार बिना इंसान के अंतरिक्ष में भेजा था। इसके थ्रस्टर्स पांच बार फेल हो गए थे। इसके साथ ही इसमें पांच बार हीलियम रिसाव हुए थे। नासा और बोइंग को खराबी का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से अतिरिक्त परीक्षण करने पड़े। अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि वास्तव में स्टारलाइनर अपने चालक दल को कब तक वापस ला सकेगा। इसके साथ ही अंतरिक्ष यान में कई समस्याएं मिली है।
स्टारलाइनर में हैं कई समस्याएं
बता दें कि कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 4.5 अरब डॉलर के नासा डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अलावा लागत में वृद्धि पर 1.5 अरब डॉलर खर्च किए हैं। नासा चाहता है कि स्टारलाइनर दूसरा अमेरिकी अंतरिक्ष यान बने जो स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन के साथ अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक ले जा सके। बोइंग का स्टारलाइनर कार्यक्रम को सालों से सॉफ्टवेयर में खराबी, डिजाइन समस्याओं और उपठेकेदारों के विवाद से जूझना पड़ रहा है। स्टारलाइनर छह जून को डॉक करने के लिए स्पेस स्टेशन के पास पहुंचा तो थ्रस्टर फेलियर का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से अंतरिक्ष यान स्पेस स्टेशन के पास तब तक नहीं पहुंचा, जब तक इसे सही नहीं कर लिया गया।
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स्पेस स्टेशन में मिली इस चीज से वैज्ञानिकों के उड़े होश
बता दें कि इससे आईएसएस के अंदर एक सुपरबग मिलने की जानकारी सामने आई थी। वैज्ञानिकों ने एंटरोबैक्टर बुगंडेंसिस नामक एक बहु दवा प्रतिरोधी बैक्टेरिया का पता लगाया था। यह आईएसएस के बंद वातावारण में विकसित होकर ज्यादा प्रभावशाली हो चुका है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक बहु दवा प्रतिरोधी बैक्टेरिया है, जिसकी वजह से इसका नाम सुपरबग रखा गया है। यह बैक्टेरिया श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है।
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सुनीता के नाम दर्ज हैं ये रिकॉर्ड
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपनी एक सहकर्मी के साथ पांच जून को तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थीं। सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 322 दिन बिता चुकी हैं। वह पहली बार 9 दिसंबर 2006 को अंतरिक्ष में पहुंची थीं और 22 जून 2007 तक वहां रहीं। इसके बाद वह 14 जुलाई 2012 को दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर गईं और 18 नवंबर 2012 तक अंतरिक्ष में रहीं। साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में ट्रायथलॉन पूरा किया था। वह ऐसा करने वाली पहली व्यक्ति बनी थीं। विलियम्स मई 1987 में अमेरिकी नौसैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा किया, जिसके बाद वह अमेरिकी नौसेना से जुड़ी थीं। विलियम्स को 1998 में नासा ने अंतरिक्ष यात्री के तौर पर चुना था।