अमेरिका में इस भारतीय महिला की साड़ी की लगी प्रदर्शनी
- फोटो : Instagram/@smithsonian
Viral: अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में एक भारतीय महिला की साड़ी को प्रदर्शनी में लगाया है। इस लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। किसी के मन में सवाल है कि आखिर इस साड़ी में क्या खास है? कुछ लोगों का सवाल है कि आखिर इस महिला की साड़ी को ही क्यों प्रदर्शनी में लगाया गया है? आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है?
दरअसल, स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में प्रदर्शनी में लगी साड़ी इसरो वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की है, जो भारत में रॉकेट वुमन के नाम से प्रसिद्ध हैं। उन्होंने इस साड़ी को भारत के ऐतिहासिक मंगलयान मिशन को हेड करने के दौरान पकड़ी थीं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में हरिनाथ ने 14 से ज्यादा मिशनों में योगदान दिया। स्मिथसोनियन म्यूजियम के आधिकारिक हैंडल ने इंस्टाग्राम पर इस साड़ी की प्रदर्शनी की तस्वीर शेयर की है।
मंगलयान मिशन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है- एक रॉकेट वैज्ञानिक और मार्स ऑर्बिटर मिशन की डेप्युटी ऑपरेशन डायरेक्टर के तौर पर हरिनाथ मिशन की प्लानिंग और ऑपरेशन में अहम भूमिका निभा रही थीं। आहे लिखा है कि उन्होंने छह से दस महीने के अपने मिशन से कहीं ज्यादा समय तक, अंतरिक्ष यान ने मंगल की सतह और वायुमंडल का डॉक्यूमेंटशन करते हुए कक्षा में आठ साल बिताए थे।
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टीम की सफलता के बाद भारत मंगल ग्रह पर जाने वाला पहला एशियाई देश और दुनिया का चौथा देश बन गया। इस मिशन को नेतृत्व करने वाली महिला वैज्ञानिक लीडर की पहनी साड़ी उनकी राष्ट्रीय पहचान और अंतरिक्ष में भारत की सफलता का प्रतीक बन गईं। तस्वीर में आप डमी में साड़ी को लिपटा हुआ देख सकते हैं। आगे लिखा है कि लाल और नीले रंग की डिजाइन वाली साड़ी के साथ ब्लाउज भी है।
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इसरो की वैज्ञानिक हैं नदंनी हरिनाथ
भारत में जन्मी और पली-बढ़ी नदंनी हरिनाथ का संबंध पढ़ाई-लिखाई को महत्व देने वाले परिवार से हैं। उनके पिता इंजीनियर थे, जबकि मां गणित की शिक्षिका। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक और स्नातकोत्तर की है। इसरो से जुड़ी वैज्ञानिक हरिनाथ ने मंगलायन प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।