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एक ऐसा तानाशाह, जो किसी से भी हाथ मिलाने के बाद शराब से धोता था हाथ

Mon, 21 Oct 2019 10:23 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
महान दार्शनिक और मार्क्सवाद के प्रवर्तक कार्ल मार्क्स ने एक बार कहा था 'लोग अपना इतिहास खुद बनाते हैं, लेकिन इतिहास कभी उनकी पसंद से नहीं बनता'। यह बात रोमानिया के तानाशाह रहे निकोलय चाचेस्कू पर बिल्कुल फिट बैठती है। चाचेस्कू ने लगातार 25 सालों तक देश पर राज किया और ऐसा किया कि उनके डर से न लोग कुछ बोलते थे और न ही वहां की मीडिया। उन्होंने अपना इतिहास बनाने की कोशिश तो की, लेकिन आज रोमानिया का इतिहास ही उनको पसंद नहीं करता। 

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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
वैसे तो दुनिया में कई तानाशाह हुए हैं, लेकिन निकोलस चाचेस्कू जैसा कोई नहीं हुआ। कहा जाता है कि 60-70 के दशक में चाचेस्कू ने आम लोगों की भी निगरानी में अपनी खुफिया पुलिस लगी रखी थी, यह जानने के लिए कि लोग अपनी निजी जिंदगी में क्या कर रहे हैं। 
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रोमानिया में भारत के राजदूत रह चुके राजीव डोगरा ने बताया कि चाचेस्कू के जमाने में पार्क में बैठे लोगों पर नजर रखने के लिए एक खुफिया एजेंट बैठा रहता था। इसका पता लोगों को न चले, इसलिए वो अखबार में किए एक छेद के सहारे लोगों को देखा करता था। 

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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
राजीव डोगरा के मुताबिक, चाचेस्कू की मौत के 10 साल बाद भी रोमानिया में लोग डर के साये में जीते थे। वह अपनी परछाई से भी घबराते थे और सड़क पर चलते समय बार-बार पीछे मुड़कर देखा करते थे कि कहीं कोई जासूस उनका पीछा तो नहीं कर रहा। 
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
बीबीसी के मुताबिक, रोमानिया में लोग चाचेस्कू को 'कंडूकेडर' के नाम से जानते थे, जिसका मतलब होता था 'नेता', जबकि उनकी पत्नी एलीना को रोमानिया की राष्ट्रमाता का खिताब दिया गया था। कहते हैं कि तानाशाही का आलम ये हो गया था कि जब कोई दो टीमों के बीच फुटबॉल मैच होता था तो एलीना यह तय करती थीं कि जीत किस टीम की होगी और वो मैच टीवी पर प्रसारित किया जाएगा या नहीं।  
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
कहते हैं कि चाचेस्कू ने पूरे देश में गर्भपात पर प्रतिबंध लगा दिया था और इसके पीछे उद्देश्य ये था कि वह रोमानिया की जनसंख्या को बढ़ाना चाहते थे, ताकि वह अपने देश को एक विश्व शक्ति बना सकें। हालांकि उन्होंने तलाक पर प्रतिबंध तो नहीं लगाया था, लेकिन उसे इतना मुश्किल बना दिया था कि लोग तलाक ले-दे ही नहीं पाते थे। 
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
यह भी कहा जाता है कि चाचेस्कू को साफ-सफाई की ऐसी 'बीमारी' थी कि वह एक दिन में 20-20 बार अपने हाथ धोते थे और वो भी शराब से। दरअसल, वो डरते थे कि कहीं उन्हें इन्फेक्शन न हो जाए। इस हाथ धोने की 'बीमारी' का आलम ये था कि जब वो साल 1979 में ब्रिटेन गए थे महारानी एलिजाबेथ से मिलने, तब भी वह हर एक व्यक्ति से हाथ मिलाने के बाद शराब से अपना हाथ धोते थे। यहां तक कि उनके बाथरूम में सिर्फ हाथ धोने के लिए ही शराब की बोतल रखवा दी गई थी। 
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रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू - फोटो : Social media
चाचेस्कू की तानाशाही इस कदर बढ़ चुकी थी कि रोमानिया में लोगों को ढंग से खाना तक नहीं मिलता था, लेकिन फल-सब्जियों और मांस का दूसरे देशों में निर्यात होता था। बाद में इसी तानाशाही के खिलाफ लोगों ने आवाज उठाई और जगह-जगह विद्रोह किए। इसका नतीजा ये हुआ कि 25 दिसंबर, 1989 को चाचेस्कू और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई, जिसके बाद चाचेस्कू और एलीना को गोली मार कर हमेशा-हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया गया। इसी के साथ निकोलय चाचेस्कू की तानाशाही का भी अंत हो गया।  
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