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जिस शहर से दुनियाभर में फैला कोरोना वायरस, उसे कितना जानते हैं आप?

Sat, 01 Feb 2020 10:33 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वुहान, चीन - फोटो : Social media
वुहान शहर का नाम भले ही चीन के बीजिंग या शंघाई जैसे शहरों की लिस्ट में नहीं लिया जाता है लेकिन दुनिया के नक्शे पर इसका अपना वजूद है। वो जगह जहां से कोरोना वायरस की महामारी की शुरुआत हुई, हकीकत में वो एक ऐसा महानगर है जो दुनिया के सभी हिस्सों से जुड़ा हुआ है। 
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वुहान शहर, चीन - फोटो : Social media
वुहान की आबादी को लेकर अलग-अलग आंकड़ें हैं, इसलिए इस पर एक राय बनाना थोड़ा मुश्किल है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो वुहान की जनसंख्या तकरीबन एक करोड़ 10 लाख है। हालांकि साल 2018 के संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक इस शहर में 89 लाख लोग रहते हैं। 
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वुहान शहर, चीन - फोटो : Social media
चाहे जो हो, ये शहर आकार में लंदन के बराबर है और वाशिंगटन डीसी से कहीं बड़ा। एक अनुमान के मुताबिक वुहान दुनिया का 42वां और चीन का सातवां सबसे बड़ा शहर है। वुहान के आकार और इसकी आर्थिक अहमियत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर इस शहर से निकला वायरस कितनी तेजी से एशिया भर में फैल गया। यहां तक कि अमेरिका भी इससे अछूता नहीं रहा। थोड़े शब्दों में कहें तो कोरोना वायरस इतनी तेजी से इसलिए फैल पाया क्योंकि बड़ी तादाद में लोग इस शहर में आते हैं और यहां से कोरोना का संक्रमण लेकर घर चले गए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
वुहान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साल 2016 में दो करोड़ यात्रियों की आमद-रफ्त हुई। यहां से लंदन, पेरिस, दुबई और दुनिया के तमाम बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं ली जा सकती हैं। यांग्त्जी नदी के किनारे बसे इस शहर में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पारंपरिक चीजों का निर्माण होता है। यहां कई औद्योगिक क्षेत्र हैं, उच्च शिक्षा के 52 संस्थान हैं। ऐसा दावा है कि चीन में सबसे ज्यादा अंडरग्रैजुएट छात्र इसी शहर में पढ़ते हैं। दुनिया की 500 बड़ी कंपनियों में से 230 कंपनियों ने वुहान में निवेश कर रखा है। वुहान में निवेश करने वाले देशों में फ्रांस प्रमुख है। 
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1940 के समय चीन का वुहान शहर - फोटो : Social media
1886 से 1943 के बीच जब वुहान हांकोउ के नाम से जाना जाता था, तब फ्रांस को यहां विशेष रियायत हासिल थी। फ्रांस की सौ कंपनियों ने वुहान में निवेश किया है, जिनमें कुछ ज्वॉयंट वेंचर्स भी हैं। वुहान में एक बहुत बड़ी पनबिजली परियोजना है। यहां दुनिया भर से सैलानी भी बहुत आते हैं।
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वुहान शहर, चीन - फोटो : Social media
भले ही कोरोना वायरस इस शहर के स्थानीय सीफूड मार्केट से फैला, लेकिन यहां आने-जाने वाले लोगों ने अनजाने में इस वायरस को फैलने का मौका दे दिया। उदाहरण के लिए जिस अमेरिकी शख्स को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, उसने हाल ही में वुहान की यात्रा की थी। कोरोना से संक्रमित होने वाले दोनों जापानी भी वुहान से होकर आए थे। कोरियाई मरीज तो वहीं रह रहा था। थाईलैंड में संक्रमण का जो मामला सामने आया वो वुहान से आया एक चीनी सैलानी था। 
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वुहान शहर, चीन - फोटो : Social media
वुहान आने-जाने वाले लोग और वुहान से होकर गुजरने वाले लोगों की संख्या इतनी बड़ी है कि आने वाले चीनी नव वर्ष के मद्देनजर, इससे कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार बढ़ गई है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने लोगों को वुहान से बचने की सलाह दी और कहा है कि वुहान के लोगों को शहर नहीं छोड़ना चाहिए, लेकिन वुहान दुनिया से जिस तरह से जुड़ा हुआ है, उसे देखते हुए ये तो तय है कि दुनिया के अन्य हिस्सों से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आते रहेंगे। 
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