क्रिकेट खेलते दिखे भारतीय सेना के अधिकारी
- फोटो : एक्स
जम्मू-कश्मीर के शोपियां से इन दिनों एक दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भारतीय सेना का एक ऑफिसर वहां के लोकल लड़कों के साथ क्रिकेट खेलते हुए नजर आता है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आते ही धूम मच गई और लोग तरह-तरह की तारीफ करने लगे। तो आज की इस खबर में हम भी आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में देखा जा सकता है कि 44 राष्ट्रीय राइफल्स का एक अधिकारी बल्ला पकड़े खड़ा है और सामने से एक तेज गेंदबाज बॉल डालता है। ऑफिसर बड़े ही मजे से खेलते दिख रहे हैं। अब आप सोचेंगे कि इसमें खास क्या है? खास बात ये है कि यह वही बटालियन है जो आतंकवाद विरोधी ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है। मतलब जिनको हम हमेशा एक्शन और सिक्योरिटी से जोड़ते हैं। वही लोग अब आम युवाओं के साथ खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं।
लोगों को पसंद आया वीडियो
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया लोगों ने ढेरों अच्छे कमेंट्स किए। किसी ने कहा कि सेना सिर्फ हमें सुरक्षित ही नहीं रखती, बल्कि लोगों के बीच भरोसा और दोस्ती भी बढ़ा रही है। कई लोगों को यह देखकर अच्छा लगा कि वहां के युवा अब आर्मी को सिर्फ एक फोर्स नहीं, बल्कि अपने साथी की तरह देखने लगे हैं। यह वीडियो सबसे पहले एक्स पर @FatimaDar_jk नाम की यूजर ने शेयर किया। उन्होंने लिखा कि यह नजारा शोपियां का है और अब यहां आवाम और जवानों के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले ऐसा सोचना भी मुश्किल था, लेकिन अब लोग सेना की कोशिशों और योगदान को समझने लगे हैं।
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
सोशल मीडिया पर एक और यूजर ने ऑफिसर की तारीफ करते हुए लिखा कि 44 राष्ट्रीय राइफल्स की राजपूत रेजिमेंट का अंदाज ही अलग है। उन्होंने खासतौर पर ऑफिसर के स्कार्फ और उनके व्यक्तित्व की तारीफ की। वहीं कुछ लोग कह रहे थे कि ऐसे इवेंट्स और भी ज्यादा होने चाहिए ताकि सेना और आम लोगों के बीच रिश्ते और मजबूत हो सकें। असल में यह पहली बार नहीं है कि आर्मी ने खेल के जरिए लोगों से जुड़ने की कोशिश की हो। इससे पहले बारामूला में भी सेना ने "चिनार प्रीमियर लीग" आयोजित की थी। पिछले महीने इसका 11वां एडिशन खेला गया था। ये टूर्नामेंट भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने स्टेडियम में हुआ था।