अंडमान निकोबार में अनोखे अंदाज में फहराया गया तिरंगा
- फोटो : X/@Andaman_Admin
Largest Underwater Flag: भारत ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी शक्ति और संस्कृति का लोहा मनवाया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रशासन ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे सुनकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। शनिवार को स्वराज द्वीप (जिसे हैवलॉक द्वीप के नाम से भी जाना जाता है) के प्रसिद्ध राधानगर समुद्र तट पर पानी की गहराइयों के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस असाधारण उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज किया गया है।
समुद्र के भीतर रचा गया इतिहास
यह ऐतिहासिक उपलब्धि अंडमान निकोबार प्रशासन की कड़ी मेहनत और सटीक योजना का परिणाम है। इस विशालकाय तिरंगे को समुद्र के भीतर फहराना कोई आसान काम नहीं था। इसके लिए एक जटिल और विशेष रूप से समन्वित अभियान चलाया गया, जिसमें कई सरकारी एजेंसियों और पेशेवर प्रशिक्षित गोताखोरों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पानी के दबाव और समुद्री लहरों के बीच इतने बड़े ध्वज को गरिमा के साथ फहराना तकनीकी और शारीरिक रूप से एक बड़ी चुनौती थी, जिसे भारतीय टीम ने सफलतापूर्वक पार कर लिया।
तिरंगे की विशालता और विशेषताएं
गिनीज बुक में दर्ज हुए इस तिरंगे की माप जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है। इतने विशाल ध्वज को पानी के भीतर ले जाना और उसे पूरी तरह से खोलना एक इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं था। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और अंडमान निकोबार की सामरिक महत्ता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना था।
सोशल मीडिया पर उमड़ा उत्साह
जैसे ही इस उपलब्धि का वीडियो इंटरनेट पर आया, यह तेजी से आग की तरह फैल गया। लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए भारतीय गोताखोरों और प्रशासन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। नीले समुद्र के गहरे पानी के बीच केसरिया, सफेद और हरे रंग की यह झलक एक अलग ही आध्यात्मिक और देशभक्ति का अहसास करा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है और दुनिया का ध्यान भारत के द्वीपीय क्षेत्रों की ओर आकर्षित होता है।