फिंगर एरिया के दोनों तरफ खड़े भारत-चीन के सैनिक
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एलएसी की दूसरी ओर कैसा इलाका है?
हुड्डा कहते हैं, 'उनकी (चीनी) तरफ, तिब्बत का इलाका अपेक्षाकृत समतल है, लेकिन ऊंचाई के लिहाज से ज्यादा अंतर नहीं है।' ये फिंगर एरिया नाम कैसे पड़ा? जनरल पत्याल इस सवाल पर बताते हैं, 'झील के उत्तरी किनारे की रिजलाइन पर, जहां हम पेट्रोलिंग करते हैं, वहां से जब आप झील को देखते हैं तो ये उभार हाथ की उंगलियों जैसे दिखते हैं। ये आठ उंगलियों जैसे दिखते हैं।'
'ऐसे में हमने इन्हें एक से आठ फिंगर्स की संख्या दी है। फिंगर चार तक हमारी सड़क है और उनकी सड़क फिंगर आठ तक है। फिंगर चार से आठ के बीच का इलाका जीप वाला है, लेकिन चूंकि इस जगह पर विवाद है, ऐसे में यहां न हम उन्हें आने की इजाजत देते हैं और न ही वे हमें।'
लेकिन, एक चीज पर भारत और चीन दोनों ही राजी हैं। हुड्डा कहते हैं, 'भारत और चीन दोनों ही इसे फिंगर एरिया बुलाते हैं। कई सालों से ऐसा चला आ रहा है।'