हुआओ द्वीप
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करोड़ों साल पहले ज्वालामुखी विस्फोट से निकला लावा ही इस द्वीप की बुनियाद बना। इस लावा ने अलग-अलग तरह के रंग-रूप धर लिए। कोई चट्टान तिकोनी है, तो कोई चौकोर, किसी के सात या आठ कोने भी हैं। चट्टानों का ये रूप हैरान कर देता है। जैसे कि चट्टानों को ताश के पत्तों की तरह सजा कर रखा गया हो। सच कहें तो ये चट्टानें क़ुदरत की संगतराशी का नमूना हैं। करोड़ों साल से हवा के थपेड़े, बरखा की बूंदें और समंदर का पानी इन्हें तराश कर नए-नए रूप में ढाल रहे हैं। पत्थर और समंदर के इसी मेल की वजह से इसकी तुलना उत्तरी आयरलैंड के जायंट कॉजवे से होती है। जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर का दर्जा हासिल है। हालांकि हुआओ द्वीप की चट्टानें जायंट कॉजवे से ज्यादा मजबूत, विशाल और पुरानी हैं।